चुनाव आयोग से वॉट्सऐप ने किया वादा, लगायेगी फेक न्यूज पर लगाम

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बेंगलुरु/नई दिल्ली । वॉट्सऐप के अमेरिकी मुख्यालय और भारतीय कामकाज से जुड़े सीनियर अधिकारियों ने चुनाव आयोग ़ के अलावा बीजेपी और कांग्रेस के नेताओं से मुलाकात की है। वॉट्सऐप का कहना है कि भारत में आगामी चुनावों के दौरान अपने प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग रोकने की कोशिश के तहत उसने ये मुलाकातें की हैं। वॉट्सऐप ने आयोग से कहा है कि फेसबुक ़ की तरह वह इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले आपत्तिजनक कंटेंट को सक्रियता के साथ फिल्टर करेगी, खासतौर से मतदान के 48 घंटे पहले। इस मेसेजिंग सर्विस पर फेसबुक का ही मालिकाना हक है। उसने कहा कि वह भारत में फेक न्यूज वेरिफिकेशन मॉडल (वेरिफिकैडो) का इस्तेमाल करेगी। इसका उपयोग उसने हाल में मेक्सिको के आम चुनाव में किया था।

वॉट्सऐप में चल रहे घटनाक्रम से वाकिफ एक शख्स ने बताया कि आयोग, कांग्रेस और बीजेपी के साथ मीटिंग करने वाली टीम में रिसर्चरों के अलावा पब्लिक पॉलिसी, कस्टमर ऑपरेशंस और बिजनेस डिवेलपमेंट से डील करने वाले अधिकारी थे। आयोग के अधिकारियों ने ईटी को बताया कि वॉट्सऐप ़ आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू रहने के दौरान सतर्कता बनाए रखने पर राजी हुई है और वह चुनाव के हर चरण में मतदान से 48 घंटे पहले अपने प्रयास तेज कर देगी।

अभी भारत में मौजूद वॉट्सऐप की यह टीम बड़े भारतीय बैंकों के प्रतिनिधियों से भी मिलेगी, जिनको इसे अपने पीयर टु पीयर डिजिटल पेमेंट्स सॉल्यूशन में पार्टनर बनाना है। आयोग और वॉट्सऐप के अधिकारियों ने बताया कि 2018 के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों के दौरान मॉनिटरिंग के प्रयासों से मिले सबक का उपयोग 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान किया जाएगा। फेसबुक के प्रतिनिधियों ने भी जून में आयोग के अधिाकरियों से इसी तरह के वादे किए थे।

वॉट्सऐप ग्रुप्स के जरिए नफरत भरा कंटेंट और अफवाहें फैलाने के चलते देश के कई हिस्सों में लोगों को घेरकर मारने की घटनाएं सामने आई हैं। केंद्र सरकार ने वॉट्सऐप से इस संबंध में एक्शन लेने को कहा है। माना जा रहा है कि वॉट्सऐप ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से कहा है कि वह भारत में वेरिफिकैडो मॉडल लाएगी। यह कलेक्टिव फैक्ट-चेकिंग मॉडल है। ऐसा ही कदम वॉट्सऐप ब्राजील में उठा रही है, जहां 24 मीडिया संगठन वायरल कंटेंट और अफवाहों की जांच के लिए एकजुट हुए हैं।

बीजेपी के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने ईटी से कहा कि वॉट्सऐप के साथ मीटिंग में वह शामिल नहीं हुए थे। सेल के दूसरे मेंबर्स ने ऐसी मीटिंग होने की पुष्टि की। कांग्रेस की आईटी सेल हेड दिव्या स्पंदन ने कहा, वाट्सऐप ने हमें भरोसा दिया है कि स्पैमी बिहेवियर पर नजर रखने के लिए वह सभी कदम उठा रही है।

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