फ्रांस के चर्च में ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाते हुए 3 लोगों की निर्मम हत्‍या , महिला का गला काटा

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फ्रांस के चर्च में ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाते हुए 3 लोगों की निर्मम हत्‍या , महिला का गला काटा

फ्रांस का नीस शहर एक बार फिर ‘आतंकी’ घटनाओं से दहल गया है। चिंता पैदा करन वाली बात यह है कि एक जैसी दिख रहीं इन घटनाओं में हमलावर सामने वाले पर चाकू से हमला करता है, यहां तक कि गला काट देता और ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाता है। इसके मद्देनजर जहां फ्रांस की सरकार और राष्ट्रपति इम्मैन्युअल मैक्रों एक ओर जहां देश में धर्मनिरपेक्षता और न्याय व्यवस्था को कड़ा करने की बात कर रहे हैं, वहीं उन्हें देश के मुस्लिम समाज और इस्लामिक देशों की आलोचना का शिकार होना पड़ रहा है।

फ्रांस के नीस शहर में स्थित कैथेड्रल चर्च में  अभी तक 3 लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल बताए जा रहे हैं। मरने वालों में एक महिला भी शामिल है, जिनका गला काट दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह घटना 29 अक्टूबर 2020 की सुबह 9 बजे नीस शाहर के नोट्रे डेम (Notre Dame) चर्च के पास हुई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने मामले पर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने हमलावर को गिरफ्त में ले लिया है।

इस घटना पर ट्वीट करते हुए शहर के मेयर क्रिश्चन एसट्रोसी (Christian Estrosi) ने कहा, “मैं पुलिस के साथ घटनास्थल पर पहुँच गया हूँ। पुलिस ने आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जाँच भी शुरू कर दी है। अभी तक जितनी जानकारी सामने आई है उसके आधार पर इसे आतंकवादी हमला कहा जा सकता है।” इसके अलावा मेयर ने अपने ट्वीट में घटनास्थल की तमाम तस्वीरें भी साझा की।

फ्रांस के चर्च में ‘अल्लाह हू अकबर’ के नारे लगाते हुए 3 लोगों की निर्मम हत्‍या , महिला का गला काटा

इसके बाद फ्रांस के मंत्री गेराल्ड डरमनिन (Gerald Dermanin) ने भी इस घटना पर ट्वीट किया। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि लोग घटनास्थल पर इकट्ठा होने से बचें क्योंकि पुलिस वहाँ जाँच कर रही है। हमले के ठीक बाद एक बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें आम लोगों से निवेदन किया गया कि वह जारी किए गए दिशा निर्देशों का सख्ती से पालन करें। इस मुद्दे पर शहर के मेयर और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक के बाद आगे की कार्यप्रणाली तय होगी।

गौरतलब है कि 16 अक्टूबर को पेरिस में इतिहास के शिक्षक सैमुअल पैटी की कट्टरपंथी हमले में हत्या कर दी गई थी। उन्होंने अपनी कक्षा में छात्रों को पैगंबर का विवादित कैरिकेचर दिखाया था। इसके बाद ही एक 18 साल के मुस्लिम युवक ने उन पर हमला बोल दिया और उनका सिर कलम कर दिया। इस घटना की निंदा करते हुए फ्रांस समेत पूरी दुनिया में शिक्षक के समर्थन में आवाजें उठने लगीं।

फ्रांस ने इस्लाम के सामने घुटने न टेकने का ऐलान किया। फ्रांस के ऑसिटैन क्षेत्र (Occitanie region) के दो टाउन हॉल मोंटपेलियर (Montpellier) और टूलूज़ (Toulouse) के बाहर शिक्षक सैम्युएल पैटी को याद करते हुए और अभिव्यक्ति की आजादी का समर्थन करने के लिए पैगम्बर मोहम्मद के उन कार्टूनों का 4 घंटे तक प्रदर्शन किया गया, जिनको लेकर शार्ली एब्दो के कर्मचारियों का 2015 में नरसंहार किया गया था। सबसे पहले इन कार्टूनों का प्रकाशन शार्ली हेब्दो पत्रिका में ही किया गया था।