VIDEO : पाकिस्तान ने ‘पुलवामा हमले का गुनाह’ आखिरकार कर लिया कबूल

आज संसद में पाकिस्तान के मंत्री ने कबूली है वो यदि न भी कबूलते तो भी ये बात उतनी ही सच थी और है कि भारत पर होने वाले आतंकी हमलों में से 90 प्रतिशत से ज्यादा आतंकी हमलों के लिए पड़ोसी हरामखोर पाकिस्तान ही जिम्मेदार है

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नई दिल्ली। पाकिस्तान ने 20 महीने बाद पुलवामा हमले का गुनाह आखिरकार कबूल कर ही लिया। इमरान के मंत्री फवाद चौधरी ने गुरुवार को संसद में कहा कि पुलवामा में पाकिस्तान की कामयाबी, हमारी कौम की कामयाबी है।

दरअसल, फवाद पाकिस्तान मुस्लिम लीग-एन (PML-N) के नेता अयाज सादिक के उस बयान पर जवाब दे रहे थे, जिसमें सादिक ने कहा था कि भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर अभिनंदन को हिरासत में लिए जाने के वक्त एक मीटिंग में विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी डरे हुए थे और आर्मी चीफ कमर जावेद बाजवा के पैर कांप रहे थे।

फवाद चौधरी ने कहा- सादिक कह रहे थे कि उनकी टांगें कांप रही थीं। मैं कहता हूं कि हमने हिंदुस्तान को घुसकर मारा है। पुलवामा में जो कामयाबी मिली है, वो इमरान खान की हुकूमत की अगुआई में कौम की कामयाबी है। उस कामयाबी के हिस्सेदार आप लोग हैं और हम लोग हैं। ये हम लोगों के लिए फख्र का मौका है।

PML-N नेता सादिक ने बुधवार को पाकिस्तानी संसद में कहा था- अभिनंदन के मुद्दे को लेकर कुरैशी ने PPP, PML-N और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा समेत दूसरे नेताओं के साथ बैठक की थी। मुझे याद है कि मीटिंग के दौरान आर्मी चीफ बाजवा कमरे में आए, उस समय उनके पैर कांप रहे थे और वे पसीना-पसीना थे।

14 फरवरी 2019 को जम्मू-कश्मीर में पुलवामा के अवन्तीपुरा इलाके में CRPF के काफिले पर फिदायीन हमला हुआ था। गोरीपुरा गांव के पास हुए इस हमले में 44 जवान शहीद हो गए थे।

फिदायीन आतंकी ने 350 किलो विस्फोटक से लदी गाड़ी CRPF जवानों को ले जा रही बस से टकरा दी थी।

हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। यह कश्मीर में 30 साल का सबसे बड़ा आतंकी हमला था।

हाँ अब ये अलग बात है कि , वर्तमान की भाजपा सरकार और उससे भी अधिक प्रधानमंत्री मोदी जी के लिए अपने मन में द्वेष और पूर्वाग्रह पाले हुए लोगों को पाकिस्तान का कोई हाथ कोई साजिश नहीं दिखती | उन्हें वो सर्जिकल स्ट्राइक भी नहीं दिखी थी जो भारतीय सेना ने की थी |

मोतियाबिंद के मारे इन बेचारों को अब पाकिस्तान खुद ये बता कर दे रहा है कि , नालायकों कम से कम देश , सेना , सुरक्षा ,फ़ौज के मामलों में तो कम से कम देश का साथ दिया करो | और अगर वो भी नहीं कर सकते तो कम से कम विरोध करके अविश्वास करके उनपर आरोप लगा कर कौन सी देश भक्ति करते हो , ईश्वर ही जाने |