पुलिस की बर्बरता: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पुलिस ने थाने में पीट-पीट कर मार डाला , बैरियर हटाने को लेकर हुआ था विवाद

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पुलिस की बर्बरता: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पुलिस ने थाने में पीट-पीट कर मार डाला , बैरियर हटाने को लेकर हुआ था विवाद
पुलिस की बर्बरता: सॉफ्टवेयर इंजीनियर को पुलिस ने थाने में पीट-पीट कर मार डाला , बैरियर हटाने को लेकर हुआ था विवाद

भागलपुर । बिहपुर पुलिस का बर्बर चेहरा सामने आया है। पुलिस ने थाने में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष पाठक की पीट-पीटकर हत्या कर दी ।  इसको लेकर ग्रामीणों ने रविवार को एनएच 31 को महंत स्थान के पास जाम कर दिया है। बिहपुर थानाध्यक्ष समेत चार पुलिसवालों पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं।

मृतक के परिजनों ने इस हत्याकांड के लिए पुलिस को दोषी ठहराया है। उनका आरोप है कि आशुतोष पाठक दुर्गाष्टमी के दिन अपने परिवार के साथ माता का दर्शन कर लौट रहे थे, तभी उन्होंने एक बैरियर के पास पुलिस से कुछ सवाल कर दिए और गुस्से में पुलिस ने उनके पत्नी व बच्चे के सामने इतना पीटा की उनकी मौत हो गई।

आशुतोष पाठक उर्फ़ अप्पू पाठक भागलपुर के बिहपुर स्थित गोड्डा सिनेमा हॉल चौक के निवासी थे। इस दौरान वो दुर्गास्थान में दुर्गा पूजा में परिवार के साथ माता का दर्शन करने गए थे। परिजनों का आरोप है कि मरवा गाँव लौटते समय एक पुलिस बैरियर के पास उनकी गाड़ी रोकी गई, जहाँ उनकी पुलिस के साथ कहासुनी हुई। उनके भाई सूरज पाठक का कहना है कि पुलिस ने गाली-गलौज के बाद आशुतोष को अपनी गाड़ी में बिठाया और थाने ले जाकर लॉकअप में बंद कर दिया, जहाँ उनके साथ बर्बरता की गई।

पेशे से सॉफ्टवेयर इंजीनियर आशुतोष पाठक कुछ ही दिनों पहले टायफायड जैसी बीमारी से उबरे थे। इस कारण वो कमजोर भी थे। गोड्डा के कई युवकों ने इस मामले में पुलिस पर कार्रवाई की माँग करते हुए ट्विटर पर ‘जस्टिस फॉर आशुतोष’ ट्रेंड कराया। भागलपुर के सांसद और भाजपा नेता निशिकांत दुबे ने फेसबुक पर आशुतोष पाठक की हत्या मामले में न्याय की माँग करते हुए तस्वीर डाल कर लिखा है, ‘न्याय मिलेगा, पुलिस को होगी फाँसी।‘

इस पूरे मामले के संज्ञान में आने के बाद नवगछिया के एसपी स्वप्नाजी मेश्राम ने तात्कालिक कार्रवाई की और बिहपुर थानाध्यक्ष रंजीत कुमार मंडल को निलंबित कर दिया है। साथ ही उन्हीं के थाने में उनके खिलाफ परिवार के बयान को आधार बना कर हत्या का मामला दर्ज किया गया है। एसपी ने कहा है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच हो, इसीलिए ये कार्रवाई की गई। पुलिस ने अपनी ‘डेथ रिव्यू रिपोर्ट’ में आशुतोष के शरीर पर चोट व जख्म के निशान मिलने की पुष्टि की है।

ऑपइंडिया ने भी आशुतोष पाठक की हत्या मामले में हुई कार्रवाई के बारे में जानने के लिए भागलपुर के बिहपुर थाने से संपर्क किया, जहाँ थानाध्यक्ष मंडल के सस्पेंड होने की पुष्टि की गई। पुलिस की ‘डेथ रिव्यू रिपोर्ट’ के अनुसार, मृतक के सीना, दोनों पैर के घुटने, नाक पर चोट व खून का दाग और शरीर के पिछले हिस्सों में चोट के कई निशान मिले हैं। भागलपुर रेंज के आईजी सुजीत कुमार खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। उनके निर्देश के बाद ही डेड बॉडी के पोस्टमॉर्टम के लिए मेडिकल टीम का गठन किया गया और पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफ़ी भी हुई।

प्रतिनियुक्त किए गए मजिस्ट्रेट की निगरानी में पोस्टमॉर्टम की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। डीआईजी ने स्पष्ट किया है कि जाँच के साथ कोई कम्प्रमाइज नहीं किया जाएगा और नियम-क़ानून के तहत जाँच होगी, जिसकी रिपोर्ट आते ही उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर थानेदार मंडल ने भी मारपीट का आरोप लगाते हुए अपनी नाक पर चोट लगने का दावा किया है। पुलिस ने कहा है कि बिना पक्षपात के जाँच की जाएगी।