कुशीनगर : मातम छोड़ मतदान करने पहुंची बूथ

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पडरौना, कुशीनगर।  लोकसभा चुनाव के अंतिम चरण में रविवार को कुशीनगर में लोकतंत्र में गहरी आस्था और फर्ज के प्रति निष्ठा की दो मिसालें देखने को मिलीं। यहां दो घरों के लोग मातम छोड़ मतदान करने पहुंचे। एक महिला ने पति की लाश दरवाजे पर रखकर पहले वोट डाला तो वहीं दो भाई मां को मुखाग्नि देकर सीधे बूथ पर पहुंचे। ये दोनों दृश्य भावुक करने वाले तो थे ही, लोकतंत्र के इन दोनों प्रहरियों का जज्बा उन लोगों के लिए जवाब भी है, जो मतदान के दिन घर पर आराम फरमाते हैं और व्यवस्था को कोसते रहते हैं।

खड्डा क्षेत्र के पनियहवा गांव का रहने वाला राजाराम निषाद कुछ दिनों से बीमार चल रहा था। लोकसभा चुनाव में मतदान के दिन रविवार की सुबह परिवार के लोग अपना वोट डालने जा रहे थे कि राजाराम की मौत हो गई। इससे परिजनों में कोहराम मच गया, लेकिन पत्नी शांति ने धीरज नहीं खोया। होनी को अमिट मान पति का शव घर पर छोड़कर बूथ पर पहुंच गई। उसका कहना था कि देश की तरक्की के लिए वोट जरूरी है।
मातम छोड़ शांति को बूथ पर देखने वाले हैरत में थे। वहीं नेबुआ नौरंगिया क्षेत्र के भुजौली शुक्ल के दो भाइयों रामदरश और होमगार्ड रामुदलारे गौड़ का जज्बा भी लोकतंत्र की जीत दिखाता है। शनिवार की शाम मां की मौत के बाद रविवार को अंतिम संस्कार करने के बाद रामदरश ने सीधे बूथ पर पहुंचकर मतदान किया तो रामदुलारे वोट डालने के बाद चुनाव ड्यूटी पर निकल पड़े। स्थानीय लोगों का कहना था कि जो वोट डालने नहीं जाते, उन्हें लोकतंत्र के इन प्रहरियों से सीखने की जरूरत है।

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