उपसभापति हरवंश बाबू पर संसद में संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने किया हमला

इस पूरे प्रकरण पर जहां संजय सिंह को लोग भरपूर लानत मलामत भेज रहे हैं वहीँ , पार्टी के मुखिया इसे देश के किसान की आवाज़ बता रहे हैं , वाह रे देश के ये किसान और इनकी ये गुंडागर्दी की खेती

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उपसभापति हरवंश बाबू पर संसद में संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने किया हमला
उपसभापति हरवंश बाबू पर संसद में संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने किया हमला

सभापति वेंकैया नायडू ने राज्यसभा में हंगामा करने वाले विपक्ष के 8 सदस्यों को एक हफ्ते के लिए सदन से निलंबित कर दिया है। सभापति ने ये कार्रवाई डेरेक ओ’ब्रायन, संजय सिंह, राजीव सातव, के.के. रागेश, रिपुन बोरा, डोला सेन, सैयद नजीर हुसैन और एलामरम करीम के खिलाफ की है। संसद में जो हुआ वो शर्मनाक हैं।

संजय सिंह और डेरेक ओ ब्रायन ने योजना बनाकर घेरकर उपसभापति हरवंश बाबू पर हमला किया। हमला इतना खतरनाक था कि हरवंश बाबू के सामने लोहे के फ्रेम में लगा माइक तक टूट गया। बिहार के लाल हरवंश बाबू पर हमला यहीं नहीं रुका, इसके तुरंत बाद डेरेक ओ ब्रायन ने उनके आसान के सामने ही सदन में बिल की प्रतियां फाड़ कर हरवंश बाबू की तरफ उछाली।

इसका एक वीडियो सामने आने के बाद से आप (AAP) के सांसद संजय सिंह की सोशल मीडिया में आलोचना हो रही है।बीजेपी नेता कपिल मिश्रा ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “संसद में मार्शल का गला दबाकर मारते संजय सिंह। बाद में घूँसों से मार्शल पर हमला किया।”

अमर्यादा और झूठ की सारी सीमाएं तब पर होने लगी जब हमला करने के बाद हरवंश बाबू के ही खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी होने लगीं, आखिर एक बिहार के गरीब किसान का बेटा, जो कि जमीन से जुड़ा रहा हैं और आज मेहनत से सदन तक पहुंचे हरवंश बाबू से इतनी नफरत क्यों?

बता दें कि राज्यसभा में बिल का विरोध करते हुए विपक्षी सांसद वेल तक पहुँच गए थे। कोविड-19 के खतरे को भुलाते हुए धक्‍का-मुक्‍की भी हुई। तृणमूल कॉन्ग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने उप सभापति के सामने रूल बुक फाड़ने की कोशिश की। इस दौरान ब्रायन उप सभापति हरिवंश के बिल्कुल ही करीब पहुँच गए। वहाँ खड़े मार्शल ने बड़ी ही मुश्किल से उन्हें हटाया।

राजनाथ सिंह ने संसद में हुए हंगामे की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा, “आज राज्यसभा में जो हुआ वह दुखद, दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक था। सदन में चर्चा की जिम्मेदारी सत्ता पक्ष की जिम्मेदारी होती है, लेकिन विपक्ष का यह भी कर्तव्य है कि वह अनुशासन बनाए रखे।”