लोकसभा चुनाव : गम्भीर अपराधों के सर्वाधिक आरोपी प्रत्याशी चुनाव मैदान में

83

लखनऊ। 17वीं लोकसभा में उत्तर प्रदेश के 80 लोकसभा सीटों पर 979 प्रत्याशियों ने चुनाव लड़ा जिसमें से 958 प्रत्याशियों के शपथ पत्रों का विश्लेषण एडीआर के द्वारा किया गया। इसमें 220 उम्मीदवारों ने अपना आपराधिक रिकॉर्ड घोषित किया जो 23 प्रतिशत है। इनमें से 181 प्रत्याशियों ने गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड घोषित किया जो 19 प्रतिशत है। 358 उम्मीदवारों ने अपने को करोड़पति घोषित किया जो 37 प्रतिशत है। औसत सम्पत्ति प्रति उम्मीदवार 4.79 निकलकर आयी।

एडीआर-यूपी इलेक्शन वॉच के राज्य प्रतिनिधि सन्तोष श्रीवास्तव ने आईपीएन को बताया कि सातवें चरण में उत्तर प्रदेश के 13 लोकसभा क्षेत्र महाराजगंज, कुशीनगर, वाराणसी, गोरखपुर, बांसगांव, गाजीपुर, सलेमपुर, मिर्जापुर, बलिया, घोसी, देवरिया, चंदौली, राबर्ट्सगंज में वोट डाले जायेंगे। 26 प्रतिशत आपराधिक प्रवृत्ति के प्रत्याशी मैदान में है जिसमें से 22 प्रतिशत उम्मीदवार गम्भीर आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। सबसे ज्यादा आपराधिक मामले में अतीक अहमद पहले स्थान पर है, जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में बनारस से चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे स्थान पर अजय राय हैं जो कांग्रेस पार्टी की तरफ से बनारस से चुनाव लड़ रहे हैं जिनके ऊपर 8 आपराधिक मुकदमें पंजीकृत है, तीसरे नम्बर पर अतुल कुमार सिंह जो बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर घोसी से चुनाव लड़ रहे हैं।

सन्तोष ने बताया कि सातवें चरण में सबसे अमीर प्रत्याशियों की सूची में पंकज चौधरी जो महाराजगंज से बहुजन समाज पार्टी से उम्मीदवार हैं जिनकी सम्पत्ति 37 करोड़ रूपये से अधिक है। दूसरे स्थान पर कुंवर रनजीत प्रताप नारायन सिंह हैं जो कुशीनगर से कांगेंस के प्रत्याशी हैं जिनकी सम्पत्ति 29 करोड़ से अधिक है। तीसरे स्थान पर अतीक अहमद हैं जो बनारस से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे है जिनकी सम्पत्ति 25 करोड़ रूपये है।

सन्तोष ने बताया कि सातवें चरण में 29 प्रतिशत उम्मीदवारां की शैक्षणिक योग्यता 5वीं से 12वीं के बीच है, 61 प्रतिशत उम्मीदवार स्नातक हैं। इस चरण में मात्र 8 प्रतिशत महिलाओं को उम्मीदवार बनाया गया है।
सन्तोष ने कहा कि लोकसभा चुनाव 2014 के सापेक्ष जिस तरह से 2019 में गम्भीर दागी प्रत्याशियों की संख्या में बढ़ोत्तरी हुई है, यह बहुत ही चिंता का विषय है। इसी प्रकार से यदि आपराधियों की संख्या बढ़ती रही, तो आने वाले समय में लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा पैदा होगा।

Source link

Please follow and like us: