इस्लामिक आतंकवाद से तंग आ गयी थी जनता, संविधान से इस्लाम हटाया गया, ख़त्म हुआ एक इस्लामिक देश 

30 सालों से सूडान में आतंकवाद का राज रहा, बलात्कार हुए, मसुमो के कत्लेआम हुए और आतंकवादी संगठन पनपते रहे।सूडान की जनता ने अब 30 सालों के इस्लामिक राज को समाप्त कर दिया है इस्लामिक कानून ख़त्म, अब लोकतांत्रिक देश बनाने की तैयारी

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इस्लामिक आतंकवाद से तंग आ गयी थी जनता, संविधान से इस्लाम हटाया गया, ख़त्म हुआ एक इस्लामिक देश 
इस्लामिक आतंकवाद से तंग आ गयी थी जनता, संविधान से इस्लाम हटाया गया, ख़त्म हुआ एक इस्लामिक देश 
दुनिया से अब एक इस्लामिक देश ख़त्म हो गया है, इस्लामिक देश को उसके नागरिको ने ही खत्म कर दिया, पिछले 30 सालों से इस देश में आतंक, बलात्कार, कत्लेआम मचा हुआ था।इस देश का नाम है सूडान जो की उत्तरी अफ्रीका में स्थित है, सूडान हमेशा से इस्लामिक देश नहीं था, सूडान सिर्फ 30 साल पहले ही इस्लामिक देश घोषित किया गया था।
30 साल पहले सूडान के संविधान में इस्लाम को स्टेट रिलिजन घोषित कर दिया गया था और सूडान में शरिया लागू हो गया था, कई कानून इस्लाम के ही आधार पर बने थे।   30 सालों से सूडान में आतंकवाद का राज रहा, बलात्कार हुए, मसुमोके कत्लेआम हुए और आतंकवादी संगठन पनपते रहे।

सूडान की जनता ने अब 30 सालों के इस्लामिक राज को समाप्त कर दिया है, सूडान की सरकार ने जनता के दबाव में अब इस्लाम को संविधान से अलग कर दिया है, यानि अब सूडान इस्लामिक राष्ट्र नहीं रहेगा, और सूडान में शरिया भी नहीं चलेगा। सूडान की अधिकतर जनता मुस्लिम ही है पर ये लोग आतंकवाद से इतना तंग आ गए की आख़िरकार शांति के लिए इन्होने अपने देश से इस्लामिक राष्ट्र को समाप्त कर दिया।

इस्लामिक आतंकवाद से तंग आ गयी थी जनता, संविधान से इस्लाम हटाया गया, ख़त्म हुआ एक इस्लामिक देश 
इस्लामिक आतंकवाद से तंग आ गयी थी जनता, संविधान से इस्लाम हटाया गया, ख़त्म हुआ एक इस्लामिक देश

सूडान में इस्लामिक कानून के तहत इस्लाम को त्यागने पर मौत की सजा भी हो सकती थी। अब्दुलबरी ने कहा कि पहले का कानून की सुरक्षा के लिए खतरा था। इसके अलावा देश में पहले कई अपराधों के लिए सार्वजनिक रूप से सजा दी जाती थी, जिसे अब खत्म कर दिया गया है। अब किसी महिला को बिना पुरुष रिश्तेदार के सफर करने की इजाजत भी दे दी गई है। इससे पहले नवंबर में ऐसा प्रतिबंध को हटा लिया गया था जिसमें महिलाओं को सार्वजनिक तौर पर कैसे पहनना-ओढ़ना है और व्यवहार करना है, यह तय किया गया था।

महिलाओं के खतने पर कानूनअपराध करार दिया गया खतना, 3 साल की जेल-जुर्माना
पिछले साल तख्तापलट के बाद देश में बनी अंतरिम सरकार ने खतना को अपराध करार देने वाला कानून तैयार कर लिया है। किसी भी मेडिकल संस्थान या घरों में भी खतना किए जाने पर तीन साल की सजा और जुर्माना हो सकता है। इसे करने वाले डॉक्टर-नर्स को भी ऐक्शन का सामना करना पड़ेगा।

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक सूडान में 10 में से 9 महिलाओं का खतना किया जाता था। खतना एक ऐसी परंपरा होती है जिसमें महिलाओं के प्राइवेट पार्ट या उसके एक हिस्से को काट दिया जाता है। न सिर्फ यह प्रक्रिया दर्दनाक होती है बल्कि बेहद खतरनाक भी। कई मामलों में बच्चियों की जान तक चली जाती है।

सूडान एक लोकतांत्रिक देश बनने के लिए, जहां सभी नागरिकों के अधिकारों को सुनिश्चित किया जाता है। यहां संविधान को धर्म और राज्य के अलगाव के सिद्धांत पर आधारित होना चाहिए। जिसके अभाव में आत्मनिर्णय के अधिकार का सम्मान करना चाहिए। देश में अब गैर-मुस्लिमों को प्राइवेट में शराब पीने की इजाजत होगी। हालांकि, मुस्लिमों पर इसका प्रतिबंध लगा रहेगा।

क्या होता है खतना : खतना एक ऐसी परंपरा होती है जिसमें महिलाओं के प्राइवेट पार्ट या उसके एक हिस्से को काट दिया जाता है। सूडान में ज्यादातर क्लाइटोरिस की अंदरूनी स्किन को हटाया जाता है। कई बार क्लाइटोरिस को ही निकलवा दिया जाता है। न सिर्फ यह प्रक्रिया दर्दनाक होती है बल्कि बेहद खतरनाक भी। अमूमन यह घर पर किया जाता है बिना अनेस्थीसिया दिए। कई मामलों में बच्चियों की जान तक चली जाती है।