मौत को फिजिकल फॉर्म में देखने के लिए जेएनयू छात्र ने कर ली सूसाइड !

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नई दिल्ली। जेएनयू का छात्र स्टूडेंट ऋषि जे थॉमस ने लाइब्रेरी में पंखे से लटककर मौत को गले लगाने वाले मामले में एक नया मोड़ आता दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि मरने से पहले स्टूडेंट ने प्रोफेसर को जो मेल किया था।

उसे पढ़कर ऐसा लगता है कि वह मौत के बाद के रहस्य को जानने के लिए उत्सुक थे। वह मौत को साक्षात देखना चाहते थे कि यह कैसे आती है और इसके बाद क्या होता है। शायद इसी के लिए उन्होंने अपनी जान दे दी।

साउथ-वेस्ट जिला पुलिस का कहना है कि थॉमस ने शुक्रवार को सूइसाइड करने से पहले जेएनयू प्रफेसर को मेल किया था। यह मेल सुबह 11.31 बजे किया गया था। मेल में थॉमस ने लिखा था कि जब तक आपको मेरा यह मेल मिलेगा। मैं इस दुनिया में नहीं रहूंगा। बड़े दिनों से चाह है मौत को फिजिकल फॉर्म में देखने की। मेरे माता-पिता का ध्यान रखना। यह मेल इंग्लिश में लिखा गया है।

मेल पढ़कर पुलिस को लगता है कि थॉमस मौत के रहस्य को जानने के लिए उत्सुक थे। शायद वह जानना चाहते थे कि आखिर आदमी कैसे मरता है और मौत कैसे आती है? मौत के बाद क्या होता है? हालांकि उनका मेल पढ़कर यह साफ है कि थॉमस को यह बखूबी पता था कि आत्महत्या के बाद वापस लौटकर नहीं आएंगे।

यह भी हो सकता है कि कहीं ना कहीं उन्हें यह लगता हो कि वह मौत के बाद के रहस्य को जान लेंगे और फिर वापस आ जाएं। इसी तरह से पिछले साल जुलाई में बुराड़ी में भी 11 लोग फांसी के फंदे से झूल गए थे। उन्हें भी भरोसा था कि वह बच जाएंगे। लगता है थॉमस भी उसी तरह की सोच रखते थे।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि मामले में थॉमस के दोस्तों से भी जानकारी जुटाई जाएगी कि क्या वह पिछले कुछ समय से किसी तरह की मानसिक बीमारी या अन्य किसी तरह की परेशानी से तो पीड़ित नहीं थे।

मामले में पुलिस ने अभी तक जो जांच की है। उसमें किसी तरह की लापरवाही सामने नहीं आई है लेकिन मौत के इस रहस्य को जानने वाले उत्सुक वाले उनके नोट ने पुलिस को भी हैरानी में डाल दिया है।

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