सर्च इंजन की असलियत जानकर हैरान रह जायेंगे ?

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सर्च इंजन की असलियत जानकर हैरान रह जायेंगे ?
सर्च इंजन की असलियत जानकर हैरान रह जायेंगे ?

जो चीज आज मैं आपको बताने वाला हूं शायद कुछ लोग पहले से ही जानते हो और शायद कुछ ना जानते हो लेकिन वह भविष्य में एवं वर्तमान में आपकी सुरक्षा के लिए आपके बहुत काम आ सकती है।

हम सभी लोग इंटरनेट चलाते हैं गूगल का यूज करते हैं फेसबुक का यूज़ करते हैं तथा यूट्यूब का भी यूज़ करते हैं । मैं जो आपको बताने जा रहा हूं उसका प्रैक्टिकल आप सबसे जल्दी यूट्यूब पर देख सकते हैं , जब भी आप यूट्यूब पर कोई कोई चीज सर्च करते हैं तो आपकी सर्च हिस्ट्री यूट्यूब सेव कर लेता है तथा फिर आपको उसी से संबंधित अन्य चीजें दिखाता है । उदाहरण के लिए समझ लीजिए आप युटुब में सर्च करते हैं… कपिल शर्मा को । यदि आपने कपिल शर्मा को एक से अधिक बार सर्च किया तो यूट्यूब कपिल शर्मा से संबंधित अन्य वीडियो भी आपको दिखाने लग जाएगा यदि आप किसी एक राजनीतिक पार्टी से संबंधित जानकारी के लिए सर्च करते हैं , तो उस राजनीतिक पार्टी के बखान से संबंधित सामग्री यूट्यूब आपको पहुंचाने लग जाएगा आप सोच रहे होंगे….. यदि ऐसा होता भी है तो क्या बिगड़ जाएगा।

इसके जो नुकसान है वह मैं आपको दो कैटेगरी में बाँट कर बताता हूं –

1.सामूहिक नुकसान – एक नुकसान तो यह होता है कि यह सारी साइट्स आपकी जानकारी अन्य मार्केटिंग कंपनियों को प्रदान कर देती है जैसे कि मान लीजिए आपने सबसे ज्यादा किसी एक्टर या एक्ट्रेस को सर्च किया है तो भारत में जिस व्यक्ति को सबसे ज्यादा सर्च किया जाएगा उसकी जानकारी कंपनियों को मिल जाएगी जिससे कि वह अपने एडवर्टाइजमेंट में केवल उन्हीं एक्टर एक्ट्रेस को लेंगे। कंपनी ऐसा इसलिए करती है क्योंकि जिसे ज्यादा सर्च किया गया है वह लोकप्रिय है और लोकप्रिय व्यक्ति यदि कोई चीज बताएगा तो लोग लोकप्रिय व्यक्ति के साथ उस अन्य प्रोडक्ट को भी देखेंगे जिसका विज्ञापन वह कर रहा है। और फिर उस प्रोडक्ट की खरीदी बढ़ेगी ।

2. व्यक्तिगत नुकसान – आपके दिमाग को एक दिशा दे दी जाएगी यदि आप एक ही तरह की चीजें देखते रहेंगे तो आपके माइंड में एक सोच डेवलप हो जाएगी जिससे कि आप किसी भी घटना या किसी भी व्यक्ति का केवल एक ही पहलू देख पाएंगे और उसे ही सच समझेंगे यह आपके दिमाग के साथ बहुत बड़ा धोखा है।

ट्रिक एवं टिप्स – आप जब भी कोई चीज सर्च करें जब भी आपको किसी भी समाचार में इंटरेस्ट आए या उसमें आपकी कोई राय हो तो आप उसी के उलट उसकी ऑपोजिट या विरोधी बात भी सर्च करिए… इससे कंपनियों को कोई ठोस आंकड़ा नहीं मिल पाएगा और आपका अधिकतर डाटा उनके किसी काम का नहीं रहेगा तथा साथ ही आपके दिमाग में भी दोनों पक्षों की ओर देखने की और दोनों पक्षों में क्या हो रहा है यह समझने की सोच आप में डेवलप होगी ।