विधायक की बेटी साक्षी के पति अजितेश और सपा नेता इस अपराध में पहुंचे जेल
विधायक की बेटी साक्षी के पति अजितेश और सपा नेता इस अपराध में पहुंचे जेल

बरेली । विधायक की बेटी साक्षी के पति अजितेश और उसके दोस्त सपा नेता वैभव गंगवार को पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया है। एसपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार देर रात बरेली में कार ओवरटेक करने से बौखलाए अजितेश ने अपने दोस्त सपा नेता वैभव गंगवार के साथ एक बाइक सवार को सरेराह बुरी तरह पीटा था। पुलिस से भी अभद्रता की थी।

पीड़ित की तहरीर पर लूट, मारपीट और धमकाने के अलावा आवास विकास चौकी इंचार्ज की तरफ से लॉकडाउन के उल्लंघन की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। शनिवार सुबह दोनों को जेल भेज दिया गया। जेल भेजने से पहले थाने में एसपी सिटी ने भी दोनों से पूछताछ की थी।

आपको बता दें कि जनकपुरी के एक मेडिकल स्टोर संचालक के बेटे दीपांश माहेश्वरी अपने दोस्त के पिता की दवा लेने वीर सावरकर नगर गए थे। वहां से रात सवा दस बजे बाइक से लौट रहे थे। सेलेक्शन प्वाइंट चौराहे के पास उन्होंने उत्तराखंड नंबर की एक एसयूवी को ओवरटेक किया। इसके बाद एसयूवी ने उनका पीछा शुरू कर दिया। मस्जिद के पास उनकी बाइक को साइड मारकर गिरा दिया। इसके बाद कार से उतरे दो लोगों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया।

कार सवार अजितेश और उसके दोस्त समाजवादी युवजन सभा के पूर्व जिलाध्यक्ष वैभव गंगवार ने दीपांश को बुरी तरह पीटा। साथ ही वीडियो बनाने पर उसका मोबाइल भी छीन लिया। बाद में पुलिस के दबाव बनाने पर लौटाया। पुलिस थाने लेकर आई तो वहां भी अजितेश ने जमकर हंगामा किया। इंस्पेक्टर के फटकारने के बाद उसे हवालात में डाल दिया गया। देर रात दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई।

शनिवार को अजितेश की पत्नी साक्षी ससुराल वालों के साथ प्रेनगर थाने पहुंची। मामला हाईप्रोफाइल होने के चलते निगरानी के लिहाज से एसपी सिटी थाने में मौजूद थे। उन्होंने इंस्पेक्टर के कार्यालय में दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद साक्षी और उसके ससुराल वालों से भी बात की।

शनिवार को जेल भेजे जाने के दौरान अजितेश के परिवार के लोगों के साथ ही कई परिचित प्रेमनगर थाने में इकट्ठा हो गए। यहां सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ते देख एसपी सिटी ने सभी को बुरी तरह फटकारा। इसके बाद सिर्फ अजितेश के परिवार के लोग ही वहां रहे। बाकी लोग थाना परिसर से बाहर चले गए।

अजितेश और उसके परिवार के लोगों ने गलती स्वीकारते हुए स्थानीय स्तर से जमानत देने की मांग की थी। यह संभव नहीं था। इस बारे में उन्हें बता दिया गया। बाद में वे चले गए। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

– रविंद्र कुमार, एसपी सिटी