पूर्व सीईओ चंदा कोचर को ICICI बैंक ने किया बर्खास्‍त, सभी बोनस व इंक्रीमेंट वसूले जाएंगे

72

नई दिल्‍ली ।  आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चंदा कोचर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स ने यह  फैसला किया है कि चंदा कोचर के बैंक से अलग होने को टरमिनेशन फॉर कॉज (‘Termination for Cause’) माना जाएगा यानी किसी वजह से जॉब से निकाला जाना. इसका सीधा मायने ये है कि कोचर को जॉब से निकाला गया माना जाएगा. ।

जो बेनीफिट दिया गया है उसे वापस लिया जाएगा

बैंक के बोर्ड ऑफ डायरेक्‍टर्स के निणर्य के बाद कोचर के मौजूदा और भविष्य में मिलने वाले सभी फायदे बंद कर दिए जाएंगे. चाहे वह बोनस हों,  इनक्रीमेंट हों, स्टॉक ऑप्शन हों या मेडिकल बेनेफिट.यही नहीं अप्रैल 2009 से मार्च 2018 तक जो भी बोनस उन्हें दिया गया है उन्‍हें वापस लिया जाएगा. ।

कोचर ने बैंक की अंदरूनी पॉलिसी का किया उल्‍लघंन

चंदा कोचर के मामले से जुड़ी जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि उन्होंने बैंक को दिए गए सालाना घोषणाएं (annual disclosures)  को बताने में ईमानदारी नहीं बरती. जो बैंक की अंदरूनी पॉलिसी,  कोड ऑफ कंडक्ट और भारत के कानून के तहत जरूरी है. ।

प्राइवेट सेक्‍टर के बैंक आईसीआईसीआई का एकल शुद्ध लाभ चालू वित्‍त वर्ष की दिसंबर, तीसरी तिमाही में 2.7 फीसदी घटकर 1,604.91 करोड़ रुपए रह गया। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक को कुल  1,650 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ हुआ था. बैंक ने एक बयान में कहा कि आलोच्य तिमाही के दौरान उसकी कुल आय 16,832.22 करोड़ रुपये से बढ़कर 20,163.25 करोड़ रुपए पर पहुंच गई. ।

क्‍या है चंदा कोचर मामला

बता दें कि आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन के एक शेयर होल्डर अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री,  रिजर्व बैंक और सेबी को एक पत्र लिखकर वीडियोकॉन के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत और ICICI की सीईओ व एमडी चंदा कोचर पर एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया था. दावा है कि धूत की कंपनी वीडियोकॉन को आईसीआईसीआई बैंक से 3250 करोड़ रुपए का लोन दिया गया और इसके बदले धूत ने चंदा कोचर के पति दीपक कोचर की वैकल्पिक ऊर्जा कंपनी ‘नूपावर’ में अपना पैसा इंवेस्‍ट किया. ।

Source link

Please follow and like us: