Maharashtra : खुला अजित पवार का राज, सामने आया राज्यपाल को लिखी चिट्ठी का सच ?

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महाराष्ट्र : खुला अजित पवार का राज, सामने आया राज्यपाल को लिखी चिट्ठी का सच ?
महाराष्ट्र : खुला अजित पवार का राज, सामने आया राज्यपाल को लिखी चिट्ठी का सच ?

महाराष्ट्र में सियासी रस्साकस्सी के बीच भाजपा ने बाजी मारते हुए एनसीपी के साथ मिलकर सरकार बना ली है। देवेंद्र फडणवीस ने आज सुबह राजभवन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में दोबारा शपथ ली। राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के अजित पवार को भी उप-मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई। इसके साथ ही शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने का सपना टूट गया।

एनसीपी चीफ शरद पवार की ओर से आरोप लगाया गया कि अजित पवार ने एक चिट्ठी के बल पर पूरा खेल रचा। पार्टी के विधायक दल के नेता के रूप में अजित पवार के पास सभी पार्टी विधायकों के हस्ताक्षर थे और वह यही चिट्ठी लेकर राज्यपाल के पास चले गए। इसी चिट्ठी को अजित पवार ने विधायकों के समर्थन के रूप में पेश किया।

महाराष्ट्र : खुला अजित पवार का राज, सामने आया राज्यपाल को लिखी चिट्ठी का सच ?
महाराष्ट्र : खुला अजित पवार का राज, सामने आया राज्यपाल को लिखी चिट्ठी का सच ?

शपथ ग्रहण के बाद मुंबई में जबर्दस्त राजनीतिक गहमागहमी रही. शरद पवार ने एनसीपी के सभी विधायकों की बैठक बुलाई। हालांकि पार्टी की ओर से कहा गया कि सभी विधायकों के आने के बाद ही बैठक शुरू होगी। शरद पवार ने काफी देर तक इंतजार किया और फिर जाकर बैठक शुरू की और अपने भतीजे को पार्टी विधायक दल के नेता से बेदखल कर दिया।

अजित पवार ने चिट्ठी में लिखा था कि राज्य में ज्यादा वक्त तक राष्ट्रपति शासन ना लगाया जाए ऐसी मेरी इच्छा है। इसलिए मैं भाजपा को सत्ता स्थापित करने के लिए समर्थन देता हूं। मैंने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) का गुट नेता हूं। मेरे साथ पार्टी के 54 विधायक हैं।अजित की चिट्ठी मराठी में थी, हिंदी में ट्रांसलेट हुई अजित पवार द्वारा मराठी में लिखी गई इस चिट्ठी को 22 तारीख को राज्यपाल को सौंपा गया था। एडवोकेट तुषार मेहता ने इस चिट्ठी का हिंदी में अनुवाद कर कोर्ट में पेश किया।