यहां लगता है भूत, चुड़ैल और डायनों का मेला, देखें वीडियो !

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यहां लगता है भूत, चुड़ैल और डायनों का मेला, देखें वीडियो !
यहां लगता है भूत, चुड़ैल और डायनों का मेला, देखें वीडियो !

सोनभद्र। इस मेले में इंसानों की नहीं भूत, चुड़ैल और डायनों का जमावड़ा लगता है। कथित तौर पर भूत, डायन और चुड़ैल से मुक्ति दिलाई जाती है। सैकड़ों साल पुराना मेला ये मेला जो लगभग 350 सालों से चला आ रहा है। भूत-प्रेत जैसी बाधाओं से परेशान लोगों की भीड़ जुटती है।

इस मेले में फरियादी तो इंसान होता है लेकिन, उनका कहना होता है कि उन पर कब्जा भूत, चुड़ैल, डायन जैसे लोगों का होता है। बेचू वीर की यह समाधि जनपद के कोन थाना क्षेत्र के मिश्री गांव में स्थित है। यहां हर वर्ष तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है। इस मेले में सैकड़ों की संख्या में भक्तगण आते हैं और बाबा के चौरी पर अपना मत्था टेकते हैं।

दरअसल, आपने अभी तक घोड़ों, बैलों यहां तक कि सांपों के मेले के बारे में सुना होगा लेकिन, यह एक ऐसी जगह है जहां भूतों का मेला लगता है।

उन्हें सिर्फ बेचूवीर बाबा ही मुक्ति दिला सकते हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस मेले में काफी दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां तक की प्रदेश के बाहर से भी आने वालों का काफी जमावड़ा रहता है।

आज भी बेचूबाबा के समाधि की देखभाल उनके छह वंशज ही करते हैं। ऐसी मान्यता है कि बेचूवीर भगवान शंकर के साधना में हमेशा लीन रहते थे। परम योद्धा लोरिक इनका परम भक्त था।

आखिरकार कौन थे बेचूवीर स्थानीय लोगों के मुताबिक एक बार लोरिक के साथ बेचूवीर इस घनघोर जंगल में ठहरे थे और भगवान शिव की आराधना में लीन थे। तभी उनके ऊपर एक शेर ने हमला कर दिया।

तीन दिनों तक चले इस युद्ध में बेचूवीर ने अपने प्राण त्याग दिया और उसी जगह पर बेचूवीर की समाधि बन गई। तभी से यहां मेला लगता है जो तीन दिनों तक चलता है। जहां भूत, प्रेत के अलावा नि:संतान लोग भी आते हैं। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस भी लगाई जाती है। मेले की सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस लगाई गई है।