सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या फैसला : रामलला की जीत, ट्रस्ट बनाएगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को दूसरी जमीन

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सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या फैसला : रामलला की जीत, ट्रस्ट बनाएगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को दूसरी जमीन
सुप्रीम कोर्ट का अयोध्या फैसला : रामलला की जीत, ट्रस्ट बनाएगा राम मंदिर, मस्जिद के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को दूसरी जमीन

नई दिल्ली। अयोध्या के 2.77 एकड़ जमीन को लेकर सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला सर्वसम्मति से आया है। पांच जजों की संविधान पीठ ने 5-0 से यह फैसला दिया। इसके तहत टॉप कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले को तार्किक नहीं माना, जिसमें तीन पक्षों को जमीन बांटी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट दशकों पुराने राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में शनिवार को 10.30 बजे अपना फैसला सुनाया, दशकों से चले आ रहे एक मुद्दे को सुलझाने के लिए ये फैसला दिया गया। ये विवाद धार्मिक और राजनीतिक नजरिए से बेहद बड़ा है।

पूरे उत्तर प्रदेश में शनिवार से सोमवार तक सभी स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक संस्थान और प्रशिक्षण केंद्र बंद रहेंगे। राज्य में धारा 144 भी लगाई गई है। राष्ट्र को भारत के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील मुकदमे के फैसले का इंतजार था। इस पर प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने यह कहा है कि फैसले से किसी का नुकसान या जीत नहीं होगी।

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों वाली एक बेंच, जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे, जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण, जस्टिस एस अब्दुल नजीर शामिल हैं, इलाहाबाद हाईकोर्ट के 2010 के फैसले के खिलाफ अपील पर फैसला दिया । हाई कोर्ट ने इस पर फैसला दिया था कि निर्मोही अखाड़ा संप्रदाय, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड और रामलला विराजमान के बीच विवादित 2.77 एकड़ का तीन-तरफा विभाजन करके बांटा जाए।

इस फैसले के मद्देनजर राज्य में हिंसा या कानून-व्यवस्था की स्थिति को रोकने के लिए धारा 144 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश पहले ही अयोध्या में लागू कर दिए गए हैं। अयोध्या जिला प्रशासन ने एक एडवाइजरी भी जारी की है, जिसमें लोगों को सतर्क रहने और किसी भी बदनाम मीडिया पोस्ट से बचने के लिए कहा गया है, जो सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ सकता है।