बाबाओं की सेवादारी के लिए भेजी जा रही लड़कियां, घरवालों ने बताई आपबीती

33
बाबाओं की सेवादारी के लिए भेजी जा रही लड़कियां, घरवालों ने बताई आपबीती
बाबाओं की सेवादारी के लिए भेजी जा रही लड़कियां, घरवालों ने बताई आपबीती

रायपुर। छत्तीसगढ़  राज्य में एक चर्चित बाबा के रायपुर सहित रायगढ़, जांजगीर, शिवरीनारायण और कोरबा सहित अलग-अलग जिलों में कई आश्रम हैं। वह समय-समय पर आकर यहां अलग-अलग आयोजन करते हैं। कार्यक्रम में कई बड़े मंत्रियों से लेकर अन्य लोगों की भीड़ जुटती हैं।

बाबा के इस आभामंडल से आकर्षित होने वाली लड़कियों को उनके लोगों द्वारा सेवादारी के मार्ग से जोड़ा जाता है। बाबा के द्वारा इन्हें गुरुदीक्षा दिलवाई जाती है। बाबा उन लड़कियों का दिमाग इतना बदल देते हैं कि वह अपना घर, मां-बाब, रिश्तेदार छोड़कर बाबा के आश्रम रहने चली जाती हैं।

पिछले पांच सालों में गायब हुई 15 लड़कियों के बारे में जानकारी मिली है कि सभी लड़कियां मथुरा वृंदावन (Mathura Vrindavan) के एक आश्रम में हैं।

कुछ लड़कियों परिजनों ने इस मामले में रिपोर्ट भी दर्ज कराई है, लेकिन लड़कियों ने वापस आने से ही मना कर दिया है। जिस बाबा के  यहां इन लड़कियों का पाया जाना बताया जा रहा है उसने रायपुर में भी अपना विशाल आश्रम बनवा रखा है।

छत्तीसगढ़ में राज्य निर्माण के बाद भी मानव तस्करी में कमी नहीं आई है। यहां मानव तस्करी (Human trafficking in chhattisgarh) के आंकड़े जैसे जैसे बढ़ते जा रहे हैं जिस तरह से गुमशुदगी के आंकड़े बढ़ रहे हैं।

इसमें लड़कियों की संख्या अधिक है। मानव तस्करों का गढ़ कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में लड़कियों की गुमशुदगी को लेकर चौंका देने वाली जानकारी सामने आई हैं।

इसी सप्ताह रायगढ़ जिले के भूपदेवपुर थाने में ढोंकाढकेल गांव की तीन युवतियों की एक साथ लापता होने की शिकायत दर्ज की गई है। इसमें दो लड़किया सगी बहने हैं।

लापता लड़कियों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि तीनों लडकियां वृंदावन स्थित एक आश्रम में हैं। उनका आरोप है कि उनके गांव में उस आश्रम के संचालक बाबा का एक आश्रम है। वह वहां कार्यक्रम करने आते थे। वह उन लड़कियों के घर में रुकते भी थे। परिजनों ने बताया कि उनका बाबा के प्रति काफी समर्पण था।

एक साल पहले मनीषा (24) ताक्षी (23) जो कि सगी बहने हैं वह सेवादारी करने के नाम पर वृंदावन स्थित आश्रम चली गईं और फिर वापस नहीं आ रहीं थीं।

आश्रम के लोगों ने उन्हें छिपा दिया था। किसी तरह परिजन उन्हें वापस घर लेकर आए। बीच में सबकुछ ठीक था, लेकिन कुछ महीने पहले बाबा दोबारा गांव आए।

उसके बाद गत 10 सितंबर को फिर से मनीषा और ताक्षी बिना किसी को बताए घर छोड़कर चली गई हैं। इतना ही नहीं उनके साथ उनके पड़ोस की 23 वर्षीय लड़की रमेश कुमारी साहू भी चली गई है।

परिजनों ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि तीनो लड़कियां एक संत के वृंदावन स्थित आश्रम में हैं, लेकिन उन्हें ढूंढने की जगह पुलिस ने केवल गुमशुदगी दर्ज कर लिया है।

पीडि़त पक्ष का यह भी आरोप है कि गांव से अब तक 15 लड़कियां घर छोड़कर जा चुकी हैं। वह डेढ़ दो साल से अपने घर तक नहीं लौटी है।

मेरा लड़का तीन सालों से महाराज से जुड़ा है। गुरुदीक्षा लेने के बाद सभी लोग उनका सत्संग सुनने भी जाते हैं। दो साल पहले शिवरीनारायण में प्राकट्य महोत्सव हुआ था।

उस समय भी गांव की तीन लड़कियां मीरा, कस्तूरी और कुसुम अपने घर से बिना किसी को बताए चली गईं थीं। तभी से उनके गांव से लड़कियों के गायब होने का सिलसिला शुरू हुआ है। अब तक गांव से 15 लड़कियां लापता हो चुकी हैं, जो बाबा के आश्रम में हैं।

कुछ दिन पहले ही चार दिनों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें सभी जिलों के एसपी व अन्य पुलिस अधिकारी शामिल थे। बैठक में मानव तस्करी रोकने को लेकर कई निर्देश दिए हैं।

रायगढ़ जिले का मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैं एसपी से इसकी जानकारी लेकर पता करवाता हूं कि इसमें अब तक क्या कार्रवाई की गई है।   डी.एम. अवस्थी, पुलिस महानिदेशक, छत्तीसगढ़