ABHI ABHI : Modi Sarkar के दावों की उडी धज्जियां, जानकर सिर पीट लेंगे

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ABHI ABHI : Modi Sarkar के दावों की उडी धज्जियां, जानकर सिर पीट लेंगे
ABHI ABHI : Modi Sarkar के दावों की उडी धज्जियां, जानकर सिर पीट लेंगे

नई दिल्ली। वर्ल्ड  बैंक ने भारत को लेकर विकासशील देशों का तमगा हटा दिया है।  भारत अब विकासशील देश नहीं कहलाएगा. विश्व बैंक ने भारत और दुनिया के सभी देशों को उनकी कमाई के आधार पर वर्गीकृत किया है।

अब भारत लोअर मिडिल इनकम कैटेगरी में गिना जाएगा। भारत नए बंटवारे के बाद जांबिया, घाना, ग्वाटेमाला, पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका जैसे देशों की श्रेणी में आ गया है।

भारत के साथ ही पाकिस्तान भी इसी श्रेणी में शामिल है. हालांकि खास बात यह है कि चीन को ‘अपर मिडिल इनकम’ देशों की श्रेणी में रखा गया है. चीन के साथ ही मैक्सिको, ब्राजील को भी इसी श्रेणी में रखा गया ।

नए वर्गीकरण के मुताबिक जिन देशों का ग्रॉस नेशनल इंकम (प्रति व्यक्ति) 1,045 डॉलर से कम है उन्हें लो इनकम देश या अर्थव्यवस्था कहा जाएगा।  वहीं जिन देशों में ये आय 1,046 डॉलर से लेकर 4,125 डॉलर के बीच रहती है उन्हें लोअर मिडिल इनकम देश कहा जाएगा।

सबसे बुरी बात यह है कि ब्रिक्स देशों में भारत को छोड़कर चीन, रूस, दक्षिण अफ्रीका और ब्राजील अपर मिडिल इनकम श्रेणी में आते हैं। अभी तक लो और मिडिल इनकम वाले देशों को विकासशील और हाई इनकम वाले देशों को विकसित देशों में गिना जाता रहा है।

वर्ल्ड बैंक ने अर्थवयवस्था के बंटवारें की श्रेणियों के नामों में परिर्वतन किया है। वर्ल्ड बैंक के डाटा साइंटिसट तारिक खोखर ने बताया, ”हमारे वर्ल्ड डवलपमेंट इंडिकेटर्स पब्लिकेशन में हमने लो और मिडिल इनकम वाले देशों को विकासशील देशों के साथ रखना बंद कर दिया है।

विश्लेषणात्मक उद्देश्य से भारत को लोअर मिडिल इनकम अर्थव्यवस्था में रखा जा रहा है। हमारे सामान्य कामकाज में हम विकासशील देश की टर्म को नहीं बदल रहे हैं। लेकिन जब स्पेशलाइज्ड डाटा देंगे तो देशों की सूक्ष्म श्रेणी का प्रयोग करेंगे।

वर्ल्ड बैंक की ओर से कहा गया है कि मलावी और मलेशिया दोनों विकासशील देशों में गिने जाते हैं। लेकिन अर्थव्था की दृष्टि से देखें तो मलावी का आंकड़ा 4.25 मिलियन डॉलर है जबकि मलेशिया का 338.1 बिलियन डॉलर है। नए बंटवारे के बाद अफगानिस्तान, नेपाल लो इनकम में आते हैं।

रूस और सिंगापुर हाई इनकम नॉन ओईसीडी और अमेरिका हाई इनकम ओईसीडी कैटेगिरी में आता है। नई श्रेणियों को निर्धारण वर्ल्ड बैंक ने कई मानकों के आधार पर किया है। इनमें मातृ मृत्यु दर, व्यापार शुरू करने में लगने वाला समय, टैक्स कलेक्शन, स्टॉक मार्केट, बिजली उत्पादन और साफ-सफाई जैसे मानक शामिल हैं।