पाकिस्तान के एफ-16 लडाकू विमानों ने घेरा भारतीय विमान, 120  यात्रियों की सांसे अटकीं

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पाकिस्तान के एफ-16 लडाकू विमानों ने घेरा भारतीय विमान, 120  यात्रियों की सांसे अटकीं
पाकिस्तान के एफ-16 लडाकू विमानों ने घेरा भारतीय विमान, 120  यात्रियों की सांसे अटकीं

नई दिल्ली। बालाकोट स्ट्राइक से पाकिस्तान की वायुसेना इतनी डरी हुई है कि वह भारत के यात्री विमानों को भी युद्धक विमान समझकर घेरने लगी है।और किसी भी तरह का खतरा नहीं उठाना चाहता है।

उसे शायद हमेशा ये ही डर सताता रहता है कि भारत फिर से कोई लक्ष्यभेदी हमला ना कर दे। इसीलिए वो अब बौखलाहट में विचित्र व्यवहार करने लगा है।

पिछले महीने नई दिल्ली से काबुल जा रहे स्पाइसजेट के विमान को पाकिस्तानी वायुसेना ने भारतीय वायुसेना का विमान समझकर घेर लिया था।

हालांकि बाद में असलियत पता चलने पर पाकिस्तान के एफ-16 विमानों ने स्पाइसजेट के विमान को अफगानिस्तान सीमा तक सुरक्षित पहुंचाना बेहतर समझा।

पिछले महीने पाक के दो एफ-16 लड़ाकू विमानों ने नई दिल्ली से काबुल जा रहे एक यात्री विमान को अपनी हवाई सीमा में करीब एक घंटे तक तक घेरे रखा।

जानकारी के मुताबिक पाक के लड़ाकू विमानों ने स्पाइसजेट के विमान को हवा में रोकने की कोशिश की। पाक ने पायलट से ऊंचाई कम करके विमान की जानकारी देने के लिए कहा।

सूत्रों के मुताबिक स्पाइसजेट के कैप्टन ने एफ—16 के पायलटों को बताया, यह स्पाइसजेट है, जो भारत का व्यावसायिक विमान है। इसमें यात्री सवार हैं और तय कार्यक्रम के तहत यह काबुल जा रहा है।

इस विमान में 120 यात्री सवार थे। अहम बात यह है कि यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पाक की हवाई सीमा में भारत के प्रवेश पर प्रतिबंध नहीं था। यह घटना पिछले 23 सितंबर की है। स्पाइसजेट की फ्लाइट एसजी—21 दिल्ली से अफगानिस्तान के काबुल जा रही थी।

पाकिस्तान के एफ—16 लड़ाकू विमान जब स्पाइसजेट के विमान के आसपास चक्कर लगा रहे थे, तो इसमें सवार यात्रियों ने भी उन्हें देखा। इनमें से एक यात्री ने बताया कि पाकिस्तानी पायलट ने संकेतों के माध्यम से स्पाइसजेट के पायलट को ऊंचाई कम करने के लिए कहा।

सूत्रों ने यह भी बताया कि हर विमान का अपना एक कोड होता है। स्पाइसजेट का कोड  एसजी है। मगर पाक एटीसी ने इसे पढ़ लिया और उसे इंडियन आर्मी या इंडियन एयरफोर्स समझ लिया।

स्थिति स्पष्ट होने के बाद पाक लड़ाकू विमानों ने भारतीय विमान को अफगानिस्तान सीमा तक छोड़ा।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पहुंचने के बाद पाकिस्तानी दूतावास के अधिकारी कागजी कार्रवाई पूरी करने के लिए पहुंच गए। इस वजह से विमान को वापसी की उड़ान भरने के लिए पांच घंटे की देरी हो गई।

घटना 26 फरवरी को बालाकोट में जैश-ए-मुहम्मद के आतंकी शिविर पर भारत की एयर स्ट्राइक के बाद तब हुई थी, जब पाकिस्तान ने काफी समय तक अपना एयरस्पेस बंद रखने के बाद उसे कमर्शियल उड़ानों के लिए खोल दिया था।

इससे पहले पिछले महीने जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिका तथा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को आइसलैंड जाना था तो पाकिस्तान ने उनके विमानों को अपने वायु क्षेत्र के ऊपर से उड़ने की इजाजत देने से मना कर दिया था।