ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license) बनवाने का नियम बदला, पुराना भी कराना होगा Update
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देश में  अक्टूबर से ड्राइविंग लाइसेंस (Driving license) बनवाने का नियम भी बदल गया है। नए नियम के अनुसार स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस (RC) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में QR कोड और माइक्रोचिप लगे होंगे. इससे हर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस, RC का कलर, और छपाई एक जैसी होगी. साथ ही RC और DL में जानकारियां भी एक ही जगह होंगी. क्योकिं पहले फॉर्मेट अलग था और जानकारियां भी अलग-अलग हुआ करती थी. QR कोड और चिप में पुराना सभी रिकॉर्ड होगा.

आपको बता दें 1 अक्टूबर से डीएल और आरसी दोनों के फार्मेट में बदलाव किया गया है। यानी अब से डीएल और आरसी का रंग, लुक, डिजाइन और सिक्योरिटी फीचर्स एक समान होंगे।

नए नियम के अनुसार स्मार्ट ड्राइविंग लाइसेंस (RC) और रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) में QR कोड और माइक्रोचिप लगे होंगे।इससे हर राज्य में ड्राइविंग लाइसेंस, RC का कलर, और छपाई एक जैसी होगी।साथ ही RC और DL में जानकारियां भी एक ही जगह होंगी। क्योकिं पहले फॉर्मेट अलग था और जानकारियां भी अलग-अलग हुआ करती थी। QR कोड और चिप में पुराना सभी रिकॉर्ड होगा।

1 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियम के तहत स्मार्ट डीएल और आरसी में माइक्रोचिप और क्यूआर कोड होगा। इसका फायदा यह होगा कि हर राज्य में डीएल, आरसी का रंग और प्रिंटिंग एक जैसी होगी। साथ ही सभी डीएल और आरसी में जानकारियां एक ही जगह पर होंगी। अभी तक हर राज्य के हिसाब से डीएल और आरसी का फार्मेट अलग-अलग होता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा।

DL में लगी माइक्रोचिप और QR कोड में आपकी पूरी जानकारी होगी। और इन्ही की मदद से केंद्रीय डाटा बेस से ड्राइवर या वाहन के बारे में सारा रिकॉर्ड निकाला जा सकेगा। QR कोड को रीड करने के लिए ट्रैफिक पुलिस को हैंडी ट्रैकिंग डिवाइस भी दिए जाने की योजना है।

हर DL के पीछे एक इमरजेंसी नंबर भी लिखा रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर पुलिस या अन्य कोई व्यक्ति इस नंबर पर संपर्क कर सकेगा। माइक्रोचिप और क्यूआर कोड की सहायता से केंद्रीय डाटा बेस से ड्राइवर या वाहन के बारे में पूरा रिकॉर्ड निकाला जा सकेगा। क्यूआर कोड को रीड करने के लिए यातायात पुलिस को हैंडी ट्रैकिंग डिवाइस भी दिए जाने का प्लान है।

जिसकी वजह से इन पर दी गई जानकारियां कुछ आगे और कुछ पीछे की तरफ प्रिंट थी। इसमें परेशानी यह है कि किसी राज्य में डीएल पर जानकारी शुरू में है तो किसी में संबंधित जानकारी पीछे की तरफ प्रिंट की गई हैं। लेकिन सरकार के नए फैसले के बाद डीएल और आरसी पर जानकारियां एक जैसी एक ही जगह पर होंगी। लेकिन अब नए नियम से DL और RC पर जानकारियां एक जैसी एक ही जगह पर होंगी।