पीओके में पाकिस्‍तानी सेना के जुल्‍मो-सितम पर लोगों ने आजादी की मांग

24
People against_Pakistan_in_Pok and demand independence pok

नई दिल्‍ली। जम्‍मू-कश्‍मीर में आर्टिकल 370 हटने के बाद पीओके का मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया है। पाकिस्‍तान ने कहा है कि भारत पीओके पर हमला करने की तैयारी कर रहा है, वहीं भारत ने पलटवार करते हुए कहा है कि कश्‍मीर समेत पीओके आखिर पाकिस्‍तान का कब था, जिस पर वह अपना हक जताता है?

उल्‍लेखनीय है कि अनुच्छेद 370 हटने के बाद देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पिछले दिनों लद्दाख पहुंचे. राजनाथ सिंह ने वहां किसान-जवान विज्ञान मेले का उद्घाटन किया। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के खिलाफ पाकिस्तान लगातार प्रोपेगंडा कर रहा है।

पाकिस्तान दुनियाभर में इसे कश्मीर के लोगों से ज्यादती और मानवाधिकार का उल्लंघन बता रहा है, लेकिन पाक अधिकृत कश्‍मीर (पीओके) के लोगों पर किए जा रहे जुल्‍मो-सितम पर खुद चुप्पी साधे हुए है। हालांकि अब इसके खिलाफ वहां के लोग लोग सड़कों पर उतर आए हैं। पीओके के तत्‍ता पानी में स्‍थानीय लोगों ने पाकिस्‍तानी सेना की ज्‍यादतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया और आजादी की मांग की है।

उद्घाटन समारोह में काफी संख्या में स्थानीय लोगों से साथ ही जवान भी मौजूद रहे। राजनाथ सिंह ने इस दौरान किसानों, जवानों और विज्ञान के क्षेत्र में सराहनीय काम करने वाले लोगों को संबोधित किया। अपने संबोधन में राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान पर हमला बोलते हुए कहा, “मैं पाकिस्तान से पूछना चाहता हूं, कश्मीर कब पाकिस्तान का था कि उसको लेकर रोते रहते हो?

पाकिस्तान बन गया तो हम आपके वजूद का सम्मान करते हैं। इस मामले में पाकिस्तान की कोई जगह नहीं है। उन्होंने आगे कहा, “मैं पूछता हूं पाकिस्तान से कि कश्मीर कब पकिस्तान का हो गया? क्यों अनावश्यक रट है। आपको बोलने दिया इसका मतलब ये नहीं जो मन में आये वो बोलते रहें दुनिया को।

देश आपको इसकी इजाजत नहीं देगा। पहले से तय था ये हमारा है। 370 हटाना हमारा आंतरिक मामला है। हमने अमेरिका के डिफेन्स सचिव से बात की। उन्होंने खुद कहा है ये हमारा अंदर का मामला है। तरह-तरह की बातें कश्मीर को लेकर पाकिस्तान को लेकर होती है। गिलगिट और पीओके हमारे हिस्से हैं।

Image result for agitation pok against pakistan