फर्जीवाड़ा : आंगनवाड़ी सेविका 12 साल की उम्र में बन गई कुंवारी मां , शादी से पहले दिया 3 बच्चों को दिया जन्म

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जमुई। बिहार के एक गांव में एक महिला का ऐसा सच सामने आया है, जिसने सिस्टम पर ही बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सुनने में भले अटपटा और अविश्वसनीय लगे लेकिन जिले की एक आंगनवाड़ी सेविका शादी से पहले ही तीन बच्चों की मां बन गई थी।

हद तो तब हो गई जब उस सेविका के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र और उसकी बेटी के शैक्षणिक प्रमाण-पत्र का मिलान किया गया तो दोनों के उम्र में महज 11 साल 8 माह का अंतर पाया गया। मतलब करीब 12 साल की उम्र में ही वह कुंवारी मां बन गई थी।

मामला झाझा प्रखंड के पैर गांव पंचायत अंतर्गत आंगनवाड़ी केंद्र संख्या 252 सबैजोर की सेविका नीतू कुमारी के चयन में फर्जीवाड़ा से जुड़ा है।

मिली जानकारी के अनुसार साल 2012 में उसका पति कपिलदेव प्रसाद वर्णवाल ने उसे छोड़ दिया था। जिसके बाद साल 2013 में संस्कृत शिक्षा बोर्ड से मध्यमा की परीक्षा का प्रमाण-पत्र पति कपिलदेव प्रसाद वर्णवाल ने ही रिसीव किया और 2015 के वोटर लिस्ट में सेविका नीतू के पति के रूप में कपिलदेव वर्णवाल का नाम शामिल है। जब आरटीआई से जानकारी प्राप्त की गई तो इस फर्जीवाड़े का सच सामने आया।

यह दीगर बात है कि वर्ष 2013 में संस्कृत शिक्षा बोर्ड से मध्यमा की परीक्षा का प्रमाण-पत्र पति कपिलदेव प्रसाद वर्णवाल ने ही रिसीव किया और 2015 के वोटर लिस्ट में सेविका नीतू के पति के रूप में कपिलदेव वर्णवाल का नाम अंकित है।

इन तमाम तथ्यों और सबूतों के बावजूद पांच वर्षों में भी इसकी सुनवाई पूरी नहीं हो सकी है। इससे इस मामले में मुखिया, सीडीपीओ और आइसीडीएस के तत्कालीन डीपीओ से लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी तक सवालों के घेरे में हैं। बहरहाल, उस मामले की सुनवाई फिर से डीपीओ के समक्ष की जा रही है।

आंगनवाड़ी सेविका चयन के लिए दो दफे मेधा सूची प्रकाशित की गई थी। पहली बार प्रकाशित मेधा सूची में पहले नंबर पर विभा देवी पति ललन कुमार का नाम दर्ज था, जबकि दूसरी बार परित्यक्ता प्रमाण-पत्र संलग्न कर नीतू का नाम प्रथम स्थान पर दर्ज हो गया। दो बार मेधा सूची जारी करने के मामले में तत्कालीन सीडीपीओ देवमुनि भी संदेह के दायरे में है।

यह मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। वैसे सभी लंबित मामलों की त्वरित गति से सुनवाई का निर्देश डीपीओ आइसीडीएस को दिया गया है। फर्जीवाड़े का मामला साबित होने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध केस दर्ज किया जाएगा। – धर्मेंद्र कुमार, जिलाधिकारी, जमुई।