यूजर्स को ‘हीरो’ बना रहा यह ऐप

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Zao ऐप

नई दिल्ली । इस ऐप का नाम है, ZAO । चाइनीज iOS ऐप स्टोर पर अपलोड होने के बाद तेजी से एक ऐप वायरल हो गया, जिसकी मदद से यूजर्स क्लिप्स और विडियोज में सिलेब्रिटी की जगह अपना चेहरा लगा सकते हैं। इस ऐप का नाम है, ZAO और इसके काम करने के तरीके को लेकर कुछ एक्सपर्ट्स ने चिंता भी जाहिर की है। ऐप की मदद से सिलेब्रिटीज, स्पोर्ट्स स्टार्स या फिर विडियो क्लिप में दिख रहे और किसी चेहरे की जगह यूजर अपना चेहरा स्नैप कर सकते हैं।

यह ऐप तेजी से पॉप्युलर हुआ है लेकिन कुछ यूजर्स ने इस बात पर चिंता भी जताई है कि किस तरह आर्टिफिशल इंटेलिजेंस टेक्नॉलजी आसपास पहचान को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है। ZAO ऐप को चीन के iOS ऐप स्टोर पर शुक्रवार को अपलोड किया गया और इसके फौरन बाद ऐप वायरल हो गया। ऐप मेकर की ओर से चाइनीज सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म Weibo पर पोस्ट कर जानकारी दी गई कि ऐप पर आने वाले भारी ट्रैफिक की वजह से सर्वर लगभग क्रैश हो गया था।

दुनिया भर में ऐप डाउनलोड्स को ट्रैक करने वाली फर्म App Annie के मुताबिक, 1 सितंबर को ZAO चीन में iOS ऐप स्टोर पर सबसे ज्यादा डाउनलोड होने वाला फ्री ऐप बना। यूजर्स को इस ऐप को डाउनलोड करने के बाद साइन-अप करना होता है और स्मार्टफोन से क्लिक की गई अपने चेहरे की फोटो अपलोड करनी होती है।

सिलेब्स की जगह चेहरा यूजर्स ऐप पर दिख रहे सिलेब्रिटीज के ढेरों विडियोज में से किसी एक को चुन सकते हैं और विडियो में दिख रहे स्टार की जगह उनका चेहरा दिखने लगता है।

इसके बाद यूजर्स अपने चेहरे वाला विडियोज बाकियों के साथ और अन्य प्लैटफॉर्म्स पर शेयर कर सकते हैं। चाइनीज सिलेब्रिटीज के चेहरों के अलावा ऐप पर लियोनार्डो डेकैप्रियो और मर्लिन मुनरो जेसे चेहरे भी शामिल हैं। ऐप को डाउनलोड करने वाली एक स्टूडेंट ग्यू शी ने बताया कि उन्होंने अपने दोस्तों को क्लिप्स शेयर करते हुए देखने के बाद यह ऐप डाउनलोड किया।

ऐसे काम करता है ऐप : ZAO ऐप को Momo की ओर से पब्लिश किया गया है, जो डेटिंग ऐप मेकर के तौर पर जाना जाता है और बाद में लाइवस्ट्रीमिंग सर्विसेज में ट्रांसफॉर्म हो गया। ZAO ऐप दरअसल आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (एआई) की मदद से काम करता है। यह यूजर के चेहरे के कुछ पॉइंट्स जैसे- आंखों, नाक और होंठ को ट्रैक करने के बाद विडियो में दिख रहे चेहरे के साथ मैच करता है और बाद में यूजर का चेहरा विडियो में इन पॉइंट्स के आधार पर सेट कर देता है। इसके बाद विडियो की रेंडरिंग हो जाती है और दिख रहे चेहरे के फीचर्स के बदल जाते हैं। इसकी मदद से किसी भी क्लिप में दिख रहे चेहरे की जगह दूसरा चेहरा फिट किया जा सकता है। इस टेक्नॉलजी के दुरुपयोग को लेकर भी एक्सपर्ट्स चिंता जाहिर कर चुके हैं।

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