जंजीरों से जकड़ी नशेबाज युवती ने किये सनसनीखेज खुलासे, कहा-पुलिस की मिलीभगत से चलता है नशे के धंधेबाजों का धंधा

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मां ने बेटी को नशे से दूर रखने लिए बेबसी में युवती को लोहे की जंजीरों में बांध दिया

अमृतसर। एक मां ने नशे के दलदल में फंसी बेटी को बचाने के लिए उसके पैरों को जंजीरों से जकड़ दिया। बेटी नशे के लिए छटपटाती है, लेकिन बेबस मां जंजीरों को नहीं खोल पाती। अमृतसर की एक कॉलोनी के सामने एक फ्लैट में रहने वाली 25 वर्षीय युवती नशे की आदी हो चुकी है। छह बहनों में सबसे छोटी इस युवती को अब परिवार वाले नशा छुड़ाओ केंद्र से लाई गई दवा को ही नशे की गोली बता कर खिला रहे हैं।

नशे की आदी लड़की ने पुलिस को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवती ने खुलासा किया कि चंडीगढ़ में एक अमीर घर की लड़की ने उसे नशे की लत लगाई और चंडीगढ़ पुलिस की भी नशे सौदागरों से मिलीभगत है। पुलिस को ड्रग पैडलर के बारे में जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। अमतृसर के सांसद ने युवती की हालत देखी तो वह भी दंग रह गए। उन्घ्होंने युवती की मदद और इलाज कराने का भरोसा दिया।

युवती ने बताया कि एक बड़े घर की एक लड़की ने मुझे नशे की डोज दिखाकर कहा कि इसे अपने शरीर में उतार लो, सारी चिंताओं का अंत हो जाएगा। नशे की डोज शरीर में उतरते ही दिमाग में मदहोशी छा गई। जो चिंताएं दिमाग में थीं, वह एकाएक गायब हो गईं। बस, इसी एक डोज ने मुझे नशेड़ी बना दिया।’

सांसद गुरजीत सिंह औजला रंजीत एवेन्यू में इस युवती के घर पहुंचे। जंजीर से बंधी युवती को देखकर औजला सन्न रह गए। बेड पर बैठी युवती का एक पैर जंजीर से बंधा था। जंजीर का दूसरा सिरा लोहे के एंगल में बंधा था। उसके समीप बेबस मां भी बैठी थी। मां की आंखों में आंसू भरे थे। मां ने कहा, श्साहब! अगर इसे खोल दूं तो यह भाग जाएगी। फिर नशा करके आएगी। चंडीगढ़ में ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। अच्छा-खासा वेतन मिलता था। हमेशा खुश रहने वाली मेरी बेटी के चेहरे पर आज सिर्फ उदासी है।

युवती ने बताया कि वह नशा छोड़ना चाहती है, मगर चाहकर भी नहीं छोड़ पा रही। मैं चंडीगढ़ पुलिस से भी मिली थी और उन्हें बताया था कि ड्रग पैडलर को फोन करने पर दो घंटे के भीतर ही नशा उस तक पहुंच जाता है। मैंने पुलिस को ड्रग पैडलर का नाम भी बताया, पर पुलिस ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की। बता दें कि युवती की मां उसे जंजीरों से जकड़ कर रखती है। मां का कहना है कि इस तरह बेटी को जंजीरों से बांध कर वह खुद भी तड़पती रहती है। यह युवती परिवार का सहारा बनने के लिए नौकरी कर कमाई के लिए चंडीगढ़ गई थी और वहां नशे का शिकार हो गई। हेरोइन के नशे ने उसकी जिंदगी को नारकीय बना दिया। मां के पास बेटी के इलाज के लिए पैसे नहीं है, इसलिए उसे नशे से दूर रखने के लिए वह जंजीरों से बांध कर रखती है।

युवती की मां ने बताया कि बेटी कुछ समय पहले चंडीगढ़ में नौकरी करती थी। वह वहां एक ब्यूटी पार्लर में काम करती थी। वह इससे परिवार का आर्थिक सहारा बन गई थी। वहां काम करने वाली कुछ अन्य लड़कियां हेरोइन का नशा करती थीं और उन्होंने उसकी बेटी को भी अपनी संगत में ले लिया। इसके बाद वह नशे का ऐसा शिकार हो गई कि उसके लिए इसके बिना एक पल भी रहना मुश्किल हो गया। बेटी की बिगड़ती हालत देख कर वह उसे चंडीगढ़ से यहां घर ले आई।

मां के अनुसार, वह घर का खर्च चला रही थी, लेकिन बाद में उसने पैसे भेजने बंद कर दिए। उन्हें लगा कि शायद चंडीगढ़ में उसका ज्यादा खर्च हो रहा होगा, लेकिन एक दिन जब वह घर आई तो उसकी आंखें लाल थी और होश गुम थे। रात को वह सो गई और अगली सुबह नौ बजे तक नहीं उठी तो उन्हें शक हुआ कि कहीं इसने नशा तो नहीं किया।

गौरतलब है कि मंगलवार को ही अमृतसर की लड़की को उसकी मां के द्वारा जंजीरों से बांधने का मामला सामने आया था। ड्रग्स के कारोबार पर नकेल कसने में प्रदेश सरकार के प्रयासों से असंतुष्ट हाईकोर्ट ने प्रदेश के डीजीपी को 29 अगस्त को अदालत में तलब कर लिया है। जस्टिस राजीव शर्मा और जस्टिस हरिन्दर सिंह सिद्धू की खंडपीठ ने ड्रग्स के कारोबार और प्रसार पर नियंत्रण के लिए हाईकोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों को लेकर पुलिस के रवैये पर असंतोष जाहिर किया। खंडपीठ ने कहा कि पुलिस अगर कोर्ट के दिशा-निर्देशों को लागू करती तो नशे के प्रसार से संबंधित 70 प्रतिशत मामलों से निजात पाई जा सकती थी।