झटका : महंगे सोने से बनाई दूरी खरीदारों ने

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सोने की ऊंची कीमतों से निवेशकों को तो फायदा हुआ है, लेकिन उसकी बिक्री फीकी पड़ गई है। कारोबारियों का कहना है कि लोग कीमतों में कमी का इंतजार कर रहे हैं और इससे बिक्री पर असर पड़ा है। दिल्ली में इंडियन बुलियन एंड ज्वैलरी एसोसिएशन कूचा महाजनी के प्रमुख योगेश सिंघल का कहना है कि पिछले साल के मुकाबले इस साल बिक्री दस फीसदी पर आ गई है।

अगर रक्षाबंधन और उसके बाद त्योहारी सीजन में दाम नहीं गिरे तो ज्यादा नुकसान होगा। अगस्त 2018 में सोने का भाव 30380 रुपये प्रति दस ग्राम के करीब था, जो अब 38 हजार रुपये के पार पहुंच गया है। शुक्रवार को दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 140 रुपये गिरा। हालांकि अभी भी यह 38 हजार रुपये से ऊपर 38,330 रुपये बना हुआ है। स्थानीय सर्राफा व्यापारियां की मांग में कमी आने से यह मामूली गिरावट आई है। हालांकि विदेशी बाजार में मांग अभी भी तेज है।

पुराने सोने की बिक्री
पुराने सोने की बिक्री ने सात साल के ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक, ग्राहकों ने 37.9 टन सोना पहली तिमाही में बेचा है। तिमाही के हिसाब से यह बिक्री सितंबर 2016 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर है।

4300 रुपये महंगा
सोना 35 दिन में करीब 4300 रुपये महंगा हो गया है। पांच जुलाई को बजट में सोने पर आयात शुल्क 10 से बढ़ाकर 12.5 फीसदी किया गया था। व्यापार युद्ध गहराने और वैश्विक स्तर पर शेयर बाजार में गिरावट के दौर के बाद यह तेजी से चढ़ता रहा।