उन्नाव रेप कांड: पीड़िता के स्कूल और वकील के घर पहुंची सीबीआई सबूत जुटाने के लिए

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बहुचर्चित उन्नाव रेप कांड की जांच कर रही सीबीआई के दो सदस्य बुधवार को पीड़िता के गांव पहुंचे। पीड़िता के स्कूल जाकर उसकी जन्म तिथि की जानकारी ली और वकील के घर जाकर परिजनों के बयान दर्ज लिए। थाने लौटकर सीबीआई के सदस्यों ने पुलिसकर्मियों से बातचीत की। पांच दिन से सीबीआई शहर व गांव में घटना से जुड़े पहलुओं और अफसरों, ग्रामीणों व आरोपितों के घर जाकर साक्ष्य जुटा रही है।

बुधवार को सीबीआई के दो सदस्यों ने पीड़िता के स्कूल पहुंचकर प्रधानाचार्या से बातचीत की और अभिलेख दर्ज साक्ष्य देखे। प्रधानाचार्य से विधायक से संबंध के बारे में पूछा। घटना की शुरुआत कैसे हुई। दोनों परिवारों के बीच कब से मन मुटाव शुरू हुआ ? प्रधानाचार्य से बातचीत करने के बाद टीम के सदस्य फिर पीड़िता के घर पर गए और वहां पर तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों से बातचीत की।

सड़क हादसे मामले की छानबीन
दोनों सदस्य सड़क सड़क हादसे में नामजद और विधायक के काम की देखरेख करने वाले विनोद मिश्र के घर गई। आरोपित के न मिलने पर परिजनों व मौजूद लोगों से पूछताछ। उसके बाद आरोपित सिंपल सिंह के पिता सुरेश सिंह की दुकान पर पहुंचे। डेढ घंटे तक दुकानदार व ग्रामीणों से पूछताछ की।

थाने के रजिस्टर में धमकी की शिकायत दर्ज नहीं
सीबीआई की टीम गांव से निकलकर मांखी थाना पहुंची और थाना प्रभारी के बारे में पूछा। एसआई सुधाकर सिंह ने बताया कि उन्नाव कोर्ट गए हैं। टीम ने शिकायत प्रकोष्ठ रजिस्टर देखा कि पीड़िता को धमकी देने की शिकायत दर्ज नहीं मिली। टीम ने पुलिस लाइन उन्नाव में पूछताछ के लिए निकल गई। पीड़िता की मां ने 31 जुलाई को मांखी थाने में हरिपाल सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। हरिपाल सिंह आरोपित शशि सिंह का पति है। आरोप है कि वह नशे की हालत में पीड़िता के घर आकर सुलह समझौते का दबाव बना रहा था। न मानने पर जान से मारने की धमकी दी थी। टीम एफआईआर की कॉपी अपने साथ ले गई।