याद : कानपुर जल्द आने का सुषमा स्वराज ने किया था वादा , हमेशा के लिए चली गईं

26

प्रदेश के कैबिनेट मंत्री सतीश महाना 28 मई को दिल्ली में सुषमा स्वराज से मिले थे। उस क्षण को याद कर महाना दुखी मन से बोले कि उन्होंने तो कहा था कि जल्द कानपुर आएंगे। लेकिन वादा पूरे किए बिना हमेशा के लिए छोड़कर चली गईं।

आखिरी मुलाकात का जिक्र करते हुए सतीश महाना ने बताया कि 28 जुलाई को दिल्ली में सुषमाजी से मुलाकात की। सुषमा ने सरकारी आवास खाली कर दूसरे घर में जाने की तैयारी में जुटी थी। उन्होंने समय निकाल कर काफी देर तक देश की वर्तमान परिस्थितियों व पार्टी के बारे में बातचीत करते हुए मुस्करा कर बोलीं कि पार्टी बहुत ऊंचाई पर पहुंची है। अब जनहित में बहुत काम होंगे।

एक दिन पहले दिल्ली पहुंचे महाना ने फोन पर बातचीत में बताया कि वह कई बार शहर आईं तो घर आना नहीं भूली। उन्होंने पिछली मुलाकात में नए घर में आने को कहा था। वह सुषमाजी से मिलने को बुधवार को जाने वाले थे। इस खबर ने तोड़ दिया। महाना तुरंत अस्पताल के लिए रवाना हो गए।

सुषमा स्वराज का निधन
उल्लेखनीय है कि पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का मंगलवार रात नई दिल्ली के एम्स में निधन हो गया। वह 67 वर्ष की थीं। एम्स के सूत्रों ने बताया कि स्वराज को रात 10 बजकर 15 मिनट पर गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया और उन्हें सीधे आपातकालीन वॉर्ड में ले जाया गया। जानकारी के मुताबिक सुषमा को दिल का दौरा पड़ने के बाद एम्स में भर्ती कराया गया था। भाजपा की वरिष्ठ नेता का 2016 में गुर्दा प्रतिरोपित किया गया था और स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने लोकसभा चुनाव नहीं लड़ा था। उन्होंने अपने अंतिम ट्वीट में कश्मीर पर सरकार के कदम के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि वह इस दिन का पूरे जीवनभर इंतजार कर रही थीं।