भाजपा विधायक ट्रोल उन्नाव रेप केस के आरोपी कुलदीप सिंह सेंगर की जय-जयकार पर

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जेल में बंद बहुचर्चित उन्नाव रेप कांड के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को आदरणीय कहने और समर्थन करने पर हरदोई के बिलग्राम से भाजपा विधायक आशीष सिंह आशू सोशल मीडिया पर ट्रोल हो गए हैं।

गंजमुरादाबाद में नगर पंचायत अध्यक्ष के शपथग्रहण समारोह में आशीष सिंह ने कहा था कि ‘युग का वेद व्यास करेगा अपनी कार्य समीक्षा, हम कंचन हैं कांच नहीं हैं ले लो अग्नि परीक्षा। ऐसे कठिनाइयों के दौर से गुजर रहे अपने भाई आदरणीय कुलदीप सेंगर जी हम सबके बीच में नहीं हैं। समय का कालचक्र कट जाएगा, फिर भी हम सबकी शुभकामनाएं हैं।’ इसका किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया तो हड़कंप मच गया। जिसने यह वीडियो देखा, उन्होंने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। आरोप लगाया कि आरोपित कुलदीप सेंगर के समर्थन में भाजपा के विधायक बोल रहे हैं। लोगों ने सवाल खड़े कर दिए कि मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया फिर भी भाजपा के लोगों का सेंगर से मोहभंग नहीं हो रहा है। मालूम हो कि जिस क्षेत्र में बिलग्राम के विधायक भाषण दे रहे थे वह सेंगर के विधानसभा क्षेत्र बांगरमऊ में पड़ता है।

शर्म इनको मगर नहीं आती : कुमार विश्वास ने ट्वीट कर इस पर टिप्पणी की है कि शर्म इनको मगर आती नहीं।

सोशल मीडिया पर हादसा व साजिश की जंग:  रायबरेली में हादसे के बाद सेंगर और पीड़िता के समर्थकों में सोशल मीडिया पर जंग छिड़ गई है। कोई घटना को सच तो कोई झूठ करार देने में लगा है। रेप पीड़िता के पक्ष में खड़े कुछ लोग कह रहे कि ट्रक फतेहपुर और वाहन की नंबर प्लेट पर कालिख पुती होना कहीं न कहीं हादसे को दर्शाता है। सड़क पर ट्रक के मुड़ने से कार टकरा गई थी। सेंगर खेमे के लोग दिखा रहे कि विधायक निर्दोष हैं।

सोशल मीडिया में अभद्र टिप्पणी पर केस

शुक्लागंज निवासी अनिल कुमार ने फेसबुक अकाउंट से सेंगर की बेटी को जोड़कर अभद्र टिप्पणी की और पचास हजार रुपए का इनाम भी रखा। इसकी जानकारी होते ही विधायक समर्थकों ने विरोध जताया। सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाले युवक का फोटो शेयर किया जिसमें अनिल कुमार सुनील ने सपा की टोपी पहन रखी है। वह वकील भी बताया जा रहा है। भूतपूर्व सैनिक सेवा परिषद के जिलाध्यक्ष संजय सिंह फौजी ने इसका विरोध जताया। एसओ ने बताया कि पीडी नगर में रहने वाले करणी सेना के धनंजय सिंह की तहरीर पर कोतवाली में आरोपित के खिलाफ आईटी ऐक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है। विवाद बढ़ने पर अनिल ने पोस्ट डिलीट कर दिया। एसपी ने भरोसा दिलाया कि आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।