उन्नाव कांड: पीड़िता के गांव पहुंची सीबीआई, विधायक-पुलिसकर्मियों से की पूछताछ

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उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए हादसे की जांच कर रही सीबीआई की टीम ने शनिवार को पीड़िता के गांव पहुंचकर पूछताछ की। पीड़िता की सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों का रजिस्टर भी तलब किया गया।

सीबीआई के एसपी संतोष कुमार, डिप्टी एसपी आरआर त्रिपाठी सीओ के साथ दोपहर बाद माखी थाने पहुंचे। यहां क्राइम और ड्यूटी रजिस्टर तलब किया। थानेदार से पूछा, घटना वाले दिन जिन पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी वह पीड़िता के जाने के बाद कहां थे। ऐसा तो नहीं कि वह बिना बताए गायब हो गए थे। कुछ देर बाद टीम के सदस्य पीड़िता के गांव पहुंचे। घर के बाहर तैनात सुरक्षाकर्मियों से बात की। पुलिसकर्मियों से जानकारी ली कि क्या कोई पीड़िता के घर धमकी देने आया था। गांव के लोगों से भी बातचीत की।

हादसे में जख्मी वकील महेंद्र सिंह के घर में छोटे भाई बालेंद्र सिंह, राम लखन सिंह, संदीप व अतुल से बात की। पूछा, 28 जुलाई को घर से बाहर जाते वक्त महेंद्र ने कुछ बताया था कि नहीं। टीम ने दोनों परिवारों की स्थिति के बारे में जानकारी जुटाई। दिल्ली से पीड़िता 20 को लौटी तो आठ दिन सुरक्षा में कौन-कौन से लोग थे। क्या उनके सामने कोई धमकी देने आया था।

20 से 28 जुलाई तक सुरक्षा की हकीकत परखी

रायबरेली जेल में बंद चाचा से मिलने के लिए पीड़िता 20 जुलाई को दिल्ली से गांव आई थी। सीबीआई ने 20 से 28 जुलाई तक पीड़िता के घर पर तैनात पुलिस कर्मियों के बारे में पूछताछ की। उसके बाद सुरक्षा व्यवस्था में लगे पुलिस कर्मियों का ड्यूटी रजिस्टर खंगाला। सीबीआई अधिकारी शनिवार को आधा दर्जन पुलिस कर्मियों को लेकर लखनऊ सीबीआई कार्यालय पूछताछ के लिए ले गए।

टाइम टू टाइम

12.50 बजे दोपहर सीबीआई टीम माखी थाने पहुंची

02.05 पर टीम ने सुरक्षा कर्मियों से पूछताछ की

02.08 पर टीम वकील महेंद्र सिंह के घर पहुंची

02.50 पर पीड़िता के घर पहुंच ग्रामीणों से बात की

3.23 पर टीम वापस थाने पहुंची और दोबारा की पूछताछ

3.59 बजे टीम थाने से कुछ दस्तावेज लेकर लखनऊ रवाना

रेप पीड़िता को निमोनिया हुआ, वकील को होश नहीं आया

केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती उन्नाव की रेप पीड़िता के इलाज की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। कोमा की अवस्था में भर्ती पीड़िता को बुखार के बाद निमोनिया ने जकड़ लिया है। वह पिछले 28 जुलाई से बेहोश है। वेंटिलेटर पर पीड़िता के साथ उसके वकील का भी इलाज चल रहा है। वकील का वेंटिलेटर बीच-बीच में हटाया गया। उसे ऑक्सीजन दिया गया है। वह ऑक्सीजन के सहारे है। अभी भी वकील को भी होश नहीं आया है।

निशुल्क पैरवी को तैयार आगरा के वकील

उन्नाव रेप कांड की पीड़िता के मुकदमे की निशुल्क पैरवी को आगरा के अधिवक्ता तैयार हैं। पीड़िता और घायल अधिवक्ता महेंद्र सिंह से मिलने के लिए अधिवक्ता छह अगस्त को लखनऊ जाएंगे। अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार से पीड़िता के परिवार एवं घायल अधिवक्ता को एक-एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की। इस संबंध में शनिवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण जनमंच की बैठक दीवानी परिसर में हुई।

साहस और एकता से अपराधियों को दी जा सकती है चुनौती : प्रियंका

कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी ने शनिवार को उन्नाव बलात्कार मामले की पीड़िता के पक्ष में पार्टी के हस्ताक्षर अभियान को मिल रही सफलता पर कहा है कि साहस और एकता से अपराधियों को चुनौती दी जा सकती है।

प्रियंका गांधी ने टि्वट किया कि आज लखनऊ की लड़कियां भारी संख्या में उन्नाव की बेटी को न्याय दिलाने के लिए हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा ले रही हैं। अपराधियों को संरक्षण और बलात्कार जैसे जघन्य अपराध करने के बाद भी अपराधियों के मन में भय न होने को चुनौती इसी साहस और एकता से दी जा सकती है।

ड्राइवर और क्लीनर तीन दिन की सीबीआई रिमांड पर

सीबीआई की विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट अनुराधा शुक्ला ने रायबरेली में उन्नाव रेप पीड़िता की कार के दुघर्टनाग्रस्त होने के मामले में नामजद ड्राइवर और क्लीनर तीन दिन की रिमाण्ड स्वीकृत की है। रिमाण्ड अवधिक 3 अगस्त की दोपहर तीन बजे से शुरु होकर 6 अगस्त की दोपहर तक होगी। इसके साथ ही नामजद आरोपितों का सर्च वारण्ट भी जारी किया गया है।

सीबीआई ने अर्जी दाखिल कर इस मामले में नामजद अभियुक्तों के आवासीय परिसर की तलाशी के लिए सर्च वारंट जारी करने की मांग की थी। कहा था कि इस मामले में कुलदीप सिंह सेंगर, मनोज सिंह सेंगर, विनोद मिश्रा, हरिपाल सिंह, नवीन सिंह, कोमल सिंह, अरुण सिंह, ज्ञानेंद्र सिंह, रिंकू सिंह, अवधेश सिंह एडवोकेट नामजद हैं। जबकि विनय सेंगर ने इस अपराध में कुलदीप सिंह का साथ दिया था और ट्रक मालिक देवेन किशोर पाल तथा ड्राइवर आशीष कुमार पाल व खलासी मोहन के संबध में एफआईआर में तथ्य अंकित हैं।

सीबीआई ने सीतापुर जेल में विधायक सेंगर से पूछताछ की

सीबीआई की तीन टीमों ने शनिवार को सीतापुर जेल में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर से कई घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान जेल अधीक्षक को भी वहां से हटा दिया गया था। सीबीआई ने कुलदीप सिंह से रेप की घटना पर कुछ सवाल किये, फिर हादसे के बाद पीड़ित परिवार के आरोपों पर कई प्रश्न पूछे। वहीं एक टीम ने लखनऊ में केजीएमयू में पीड़िता की मां और बहन से तीन घंटे तक पूछताछ की।

जेलकर्मी संदेह के घेरे में:

सीबीआई शनिवार दोपहर लगभग सवा दो बजे जेल पहुंची। इस टीम में तीन इंस्पेक्टर थे। जेल सूत्रों के मुताबिक पूछताछ के दौरान कुछ देर के लिए जेल अधीक्षक को अलग हटाकर टीम के सदस्यों ने विधायक से पूछताछ की। पिछले दिनों सीतापुर जिला कारागार के तीन वीडियो वायरल होने के बाद कारागार अफसर और कर्मचारी भी संदेह के घेरे में आ गए थे। हालांकि इस वायरल वीडियो पर सीबीआई ने कोई सवाल नहीं किया।

विधायक सेंगर के तीनों हथियारों के लाइसेंस निरस्त

उन्नाव बलात्कार कांड के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के हथियारों का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई अंतत: 15 माह बाद पूरी हो गई। जिला मजिस्ट्रेट देवेंद्र कुमार पाण्डेय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तीनों हथियार लाइसेंस निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया है। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के नाम पर एक सिंगल बैरल बंदूक, एक राइफल और एक रिवॉल्वर का लाइसेंस था।

हरदोई भाजपा विधायक ने सेंगर से जताई हमदर्दी, वीडियो वायरल

भाजपा के एक विधायक ने उन्नाव बलात्कार मामले के आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर के प्रति हमदर्दी व्यक्त करते हुए विवादास्पद बयान दे डाला।

भाजपा ने हालांकि विधायक के बयान से यह कहते हुए किनारा कर लिया है कि यह विधायक की निजी राय हो सकती है। सेंगर पर आरोप है कि उन्होंने 2017 में एक नाबालिग लड़की से अपने उन्नाव स्थित आवास पर बलात्कार किया था।

हरदोई से भाजपा विधायक आशीष सिंह आशू का एक वीडियो शनिवार को समाचार चैनलों पर वायरल हुआ, जिसमें वह एक कार्यक्रम में बोल रहे हैं कि हमारे भाई कुलदीप सिंह सेंगर मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं। हमारी शुभकामनाएं सेंगर के साथ हैं और हम उम्मीद करते हैं कि सेंगर जल्द ही इस मुश्किल समय से पार पा लेंगे।