ट्रक ड्राईवर ने बोला था ये झूठ उन्नाव रेप पीड़िता एक्सीडेंट केस में

26

उन्नाव के बहुचर्चित रेप पीड़िता कार एक्सीडेंट केस में एक नया ट्वीस्ट सामने आया है। ट्रक के फाइनेंसर ने यह खुलासा किया कि उन्होंने कभी भी ट्रक मालिक देवेन्द्र पाल सिंह को फाइनेंस किए गए ट्रक जब्त करने की धमकी नहीं दी थी।

इससे पहले, पाल ने पुलिस को दिए बयान में यह कहा था कि उन्नाव रेप पीड़िता, उसके वकील और परिवार के सदस्य जिस कार में बैठकर जा रहे थे उसको टक्कर मारनेवाले ट्रक की नंबर प्लेट पर कालिख फाइनेंसर से बचने के लिए लगाई गई थी, ताकि वे इसे जब्त न कर ले।

पाल ने बताया कि वे लोन के कुछ इंस्टॉलमेंट नहीं दे पाए थे और इसलिए उन्होंने ट्रक के नंबर प्लेट पर कालिख पोत दी थी ताकि किसी भी वक्त उसकी होनेवाली जब्ती से बचा जा सके। उसने इस बात पर जोर देते हुए कहा था कि गाड़ी नंबर पर कालिख लगाने का उद्देश्य पीड़िता की कार को टक्कर मारने की पूर्व सुनियोजित हिस्सा नहीं था।

हालांकि, ट्रक फाइनेंसर का ट्रक मालिक के पूर्व में दिए बयान के खिलाफ बातों ने केस में एक नया ट्वीस्ट पैदा कर दिया है।

उन्नाव रेप पीड़िता के परिवार ने एफआईआर में इस एक्सीडेंट के लिए गैंगरेप के आरोपी और बीजेपी के निलंबित विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर हत्या की प्रयास का आरोप लगाया है। इस एक्सीडेंट में केस के दो अहम गवाह की मौत हो गई थी।

समाचार एजेंसी से फोन पर कानपुर से बात करते हुए ओरिक्स कंपनी के फाइनेंस मैनेजर शशि कुमार ने कहा कि उन्होंने कभी भी देवेन्द्र पाल सिंह को महीने के इंस्टॉलमेंट न देने को लेकर नहीं धमकाया था।