इंसानियत की मिसाल : दूसरों की जिंदगी बचाने का इन्हें है जुनून

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गोंडा-अयोध्या हाईवे पर सड़क दुर्घटना में होने वाली अधिकांश मौतें समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण होती हैं। अधिकांश मामलों में लोग सड़क पर हादसा देख चुपचाप निकल जाते हैं। यह जानते हुए भी कि घायल व्यक्ति को इलाज की सख्त जरूरत है, मदद कोई नहीं करता। पर, जो ऐसा मदद करता है वह किसी ईश्वर से कम नहीं।

ऐसे ही एक मददगार का नाम है परागदत्त मिश्रा। वजीरगंज विकास खंड के नगवा के पूर्व प्रधान परागदत्त मिश्रा चाहे ठंड हो या बरसात, दुर्घटना की सूचना हाईवे पर डुमरियाडीह से नगवा मोड़ व डुमरियाडीह से तरबगंज मार्ग पर महाराजगंज बाजार  के बीच सड़क दुर्घटना की सूचना मिलते ही घायलों की मदद के लिए दौड़ पड़ते हैं।

40 वर्षीय श्री मिश्रा किसी भी सड़क दुर्घटना के बाद वहां पहुंचने वाले पहले शख्स होते हैं। यहां 108 एंबुलेंस बाद में पहुंचती है, पहले वहां परागदत्त दिखाई देते हैं। अपनी तत्परता और सेवा भावना से इस युवा ने अबतक कइयों लोगों की जान बचाई है।

लोग पुलिस की डर से नहीं करते मदद:
आपसी सेवा भावना के बारे में परागदत्त मिश्रा ने बताया कि कई बार तो ऐसी स्थिति परिस्थिति आ जाती है कि दुर्घटना के बाद लोग सड़क पर तड़पते रहते हैं। और उनकी मदद करने लोग पुलिस के डर से नहीं करते। लेकिन, मुझे झिझक या डर नहीं लगता। मेरी पहली प्राथमिकता उस घायल को शीघ्र ही अस्पताल पहुंचाने की होती है। वे 108 एंबुलेंस को बुलाते हैं, अगर उसे आने में विलंब है तो खुद ही कोई इंतजाम कर घायल को अस्पताल पहुंचाते हैं।

बताया कि 11 जुलाई 15 को गोंडा- अयोध्या हाईवे पर अनुभुला के पास सड़क दुर्घटना में घायल होकर बेहोश हो गए थे। किसी ने अस्पताल में भर्ती कराकर परिजनों को सूचना दी। इस घटना ने झकझोर कर रख दिया। इसके बाद से ही वह किसी तरह की दुर्घटना होते ही मदद के लिए तत्काल पहुंच जाते हैं। कक्षा 8 तक कि पढ़ाई करने के बाद परागदत्त आगे की पढ़ाई मुफलिसी की वजह से नहीं कर पाए। आगे की पढ़ाई का  सपना अधूरा रह गया।