जुलाई में रहा शेयर बाजार में गिरावट का दौर

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अमीरों पर टैक्स बढ़ने और मंदी की आशंका से शेयर बाजार के लिए जुलाई सबसे खराब रहा। यह बाजार के लिए 17 सालों में सबसे खराब जुलाई रही। बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 4.9 फीसदी टूटकर आठ महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई का निफ्टी भी 5.7 फीसदी गिरकर सितंबर के बाद निचले स्तर पर लुढ़क गया। इससे पहले जुलाई 2002 में सेंसेक्स 7.92 फीसदी लुढ़का था। बीएसई पर सूचिबद्ध लार्ज कैप के अलावा मिड कैप और स्मॉल कैप में भी बड़ी गिरावट आई। मिड कैप 7.87 फीसदी और स्मॉल कैप 10.87 फीसदी लुढ़क गया। बाजार विशेषज्ञों ने आशंका जाहिर की है कि बाजार में आगे भी गिरावट जारी रह सकती है।

31 जुलाई को शेयर बाजारों में उठा-पटक के बाद तेजी, सेंसेक्स 84 अंक चढ़ा
घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को पूरे सत्र के दौरान भारी उठा-पटक का दौर जारी रहा, हालांकि आखिर में प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 84 अंकों की बढ़त के साथ 37,481 पर बंद हुआ और निफ्टी भी करीब 33 अंक चढ़कर 11,118 पर बंद हुआ। भारतीय शेयर बाजार मजबूती के साथ बंद हुआ, लेकिन सेंसेक्स 37,5०० के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे रहा। निफ्टी कारोबार के दौरान 11,००० के मनोवैज्ञानिक स्तर से लुढ़क कर नीचे आ गया लेकिन सत्र के आखिर में 11,1०० के ऊपर बंद हुआ।

बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 3० शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 139.69 अंकों की गिरावट के साथ 37,257.55 पर खुला, लेकिन सत्र के आखिर में 83.88 अंकों यानी ०.22 फीसदी बढ़त के साथ 37,481.12 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार के दौरान सेंसेक्स का निचला स्तर 37,128.26 रहा, जबकि ऊपरी स्तर 37,576.37 रहा। सेंसेक्स के 3० शेयरों में से 21 में तेजी रही, जबकि नौ शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तेजी वाले शेयरों में यस बैंक (6.०4 फीसदी), इंडसइंड बैंक (5.69 फीसदी), हीरोमोटोकॉर्प (4.29 फीसदी), टाटा स्टील (4.15 फीसदी) और सनफामार् (3.96 फीसदी) शामिल हैं। सेंसेक्स के सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में एक्सिस बैंक (4.55 फीसदी), भारती एयरटेल (2.26 फीसदी), रिलायंस (1.23 फीसदी), एनटीपीसी (०.67 फीसदी) और मारुति (०.64 फीसदी) शामिल हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 5० शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 51.35 अंकों की कमजोरी के साथ 11,०34.०5 पर खुला, लेकिन सत्र के आखिर में 32.6० अंकों यानी ०.29 फीसदी तेजी के साथ 11,118 पर बंद हुआ। दिनभर के कारोबार के दौरान निफ्टी 11,००० के मनोवैज्ञानिक स्तर से गिरकर 1०,999.4० पर आ गया, जबकि इसका ऊपरी स्तर 11,145 रहा। बीएसई का मिड-कैप सूचकांक 97.36 अंकों यानी ०.72 फीसदी तेजी के साथ 13,643.38 पर बंद हुआ, जबकि स्मॉल-कैप सूचकांक 42.44 अंकों यानी ०.34 फीसदी तेजी के साथ 12,692.18 पर बंद हुआ।

बीएसई के 19 प्रमुख सेक्टरों में से 15 में तेजी रही, जबकि चार सेक्टरों में गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा तेजी वाले पांच सेक्टरों में धातु (2.43 फीसदी), आधारभूत सामग्री (1.4० फीसदी), ऑटो (1.26 फीसदी), तेल व गैस (1.०6 फीसदी) और स्वास्थ्य देखभाल (०.95 फीसदी) शामिल रहे। वहीं, बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में दूरसंचार (1.63 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुएं (०.53 फीसदी), रियल्टी (०.24 फीसदी) और ऊर्जा सेक्टर (०.21 फीसदी) शामिल रहे। बीएसई पर कुल 2,864 शेयरों में कारोबार हुआ जिनमें से 1,226 में तेजी रही जबकि 1,487 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के आखिर में 151 शेयरों में कोई बदलाव दर्ज नहीं किया गया।