शेलेजा सचदेवा की डायरी का खलनायक “शक्ति बॉस “?

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सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी की सर्जरी की पीजी छात्रा शैलेजा सचदेवा जो दूसरो को वेंटिलेटर पर जीवन देने वाली आज खुद वेंटिलेटर स्पोर्ट पर अपनी जिंदगी और मौत की बीच जंग लड़ रही है,शारदा मेडिकल यूनिवर्सिटी नोएडा से एमबीबीएस करने के बाद सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में सर्जरी में पीजी की सीट मिल पाई,लुधियाना के रियल स्टेट कारोबारी अनिल सचदेवा की बड़ी बेटी शेलेजा सचदेवा 90% प्लस की होनहार छात्रा रही,ग्रामीण परिवेश के विश्वविद्यालय में प्रवेश लेते ही उसकी जिंदगी में “बॉस” का प्रवेश हो गया,”बॉस”उसकी जिंदगी में धौंस देते चले गये और शेलेजा उसकी यस बॉस बन गयी,”बॉस”के प्रति उसका प्रेम अटूट होता चला गया और शायद वह उस बॉस को अपनी जिंदगी का हमदम मेरा बॉस मान बैठी,वक्त तेजी से बढ़ने लगा अटूट प्रेम बॉस के प्रति बढ़ता रहा लेकिन जब शैलेजा को पता चला की बॉस तो शादीशुदा है इस पर उसका दिल काँच की तरह टूट गया,डायरी में तीसरी एंट्री बॉस की मेम की हो गयी,बॉस और मेम के बीच तकरार बढ़ना शुरू हो गयी और जैसे मानो शेलेजा के सीने में प्रेम की रफ्तार थम गई हो लेकिन बॉस का प्रेम वह भुलाये नही भूल पा रही थी लेकिन दिल मे बॉस के प्रति मन मे टीन्स भी भरनी शुरू होने लगी, डायरी के तीसरे पेज पर शेलेजा ने लिखा”कि आज मेम का फोन आया और उन्होंने मुझसे पूंछा की क्या चाहती हो मन मे आया कि बोल दूँ कि मुझे शक्ति बॉस दे दो”में नही रह पाऊंगी उनके बिना लेकिन हिम्मत नही हुई क्योंकि में बॉस की जिंदगी में बाद में आई पहले मेम आयी।”मेम की आवाज का दर्द मुझे गिल्टी फील करा गया।में कितनी सेल्फिश हो गयी हूँ बॉस मेरी वजह से आपकी और मेम की जिंदगी में कितनी प्रॉब्लम आ गई,मेरी दुनियां जो अभी मुश्किल से संभलना शुरू हुई थी एक मिनट में फिर से चूर हो गयी बॉस जी” सचदेवा के यह दर्द भरे शब्द शायद ही कोई समझ पाये लेकिन उस दर्द को समझने वाला बॉस जो उसको इस हालत में ढकेलने को मजबूर कर गया।
जब सचदेवा की डायरी में लिखे शक्ति नाम के बॉस की पड़ताल की तो पता चला कि पीजी थर्ड ईयर के छात्र डॉक्टर शक्ति ही उस डायरी के बॉस है,जब विश्वविद्यालय के सूत्रों से पता किया तो बताया कि शैलेजा और शक्ति का करीब 6-7 माह से काफी क्लोज एक दूसरे का साथ था, आये दिन दोनो साथ ही गाड़ियों में घूमते फिरते खाते पीते देखे जाते थे,मूल रूप से असम जिले के रहने वाले डॉक्टर शक्ति शेलेजा की जिंदगी के बॉस कैसे बने यह जाँच का विषय है।जब शक्ति बॉस खुद एक शादीशुदा थे तो उस 28 साल की मासूम को अपने प्रेमजाल में क्यों उलझा कर उसको इस हाल में जीने के मजबूर कर दिया।क्यों बॉस ने अपनी जिंदगी की सच्चाई से शेलेजा सचदेवा को दूर रखा।28 साल से अपनी आँखों के सामने पलते बढ़ते देखने वाले उसके पिता का हाल यह है जो पल पल आईसीयू में जाकर उस बच्ची की सूरत देख बेहाल है और उसकी जिंदगी बचाने की सलामती के लिये बाहे गुरू से भीख मांगने को मजबूर है।