संदिग्ध परिस्थिति में मिला मां-बेटा और बहू का शव

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आईआईटी दिल्ली कैंपस स्थित आवासीय परिसर के एक फ्लैट में शुक्रवार रात संदिग्ध परिस्थिति में मां-बेटा और बहू का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ मिला। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची किशनगढ़ थाना पुलिस ने शवों को उतार कर पोस्टमार्टम के लिए नजदीकी अस्पताल पहुंचाया।

प्राथमिक जांच में पुलिस इस घटना को आत्महत्या मान कर चल रही है। तीनों शवों का पोस्टमार्टम रविवार को मेडिकल बोर्ड करेगा। वहीं, मामले की जांच एसडीएम को सौंप दी गई है। मृतकों में 35 वर्षीय गुलशन दास, 59 वर्षीय कांता देवी और 32 वर्षीय सुनीता दास शामिल हैं।

पुलिस उपायुक्त देवेन्द्र आर्या ने बताया कि मृतक गुलशन दास अपनी मां कांता और पत्नी सुनीता के साथ आईआईटी कैंपस में रहते थे। गुलशन आईआईटी में बॉयो-केमेस्ट्री विभाग में सीनियर लैब असिस्टेंट का काम करते थे। सुनीता और उनकी शादी इसी वर्ष 20 फरवरी को हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही दोनों के बीच झगड़े शुरू हो गए। जिसकी शिकायत सुनीता के परिजनों ने पुलिस को भी दी थी। शुक्रवार को सुनीता की मां कृष्णा देवी ने अपनी बेटी को कई बार फोन किया। लेकिन, सुनीता ने फोन नहीं उठाया। कृष्णा देवी ने पुलिस को फोन कर बताया बेटी का उसके पति से झगड़ा होने की सूचना दी। .

तीन जगहों पर लटक रहीं थी तीन लाशें : झगड़े की सूचना के बाद पुलिस जब मौके पर पहुंची और घर में दाखिल हुई तो पुलिसकर्मियों के होश भी फख्ता हो गए। पुलिस के अनुसार, घर के पहले बेडरूम में बुजुर्ग कांता देवी का शव पंखे से लटका हुआ था। उनके बेटे गुलशन का शव कॉरिडोर में रॉड के सहारे लटक रहा था। पुलिस जांच के लिए आगे बढ़ी तो उन्हें दूसरे कमरे में सुनीता का शव लटकता मिला। सुनीता ने पंखे से दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। इस खौफनाक मंजर को देखने के बाद पीसीआर में मौजूद पुलिसकर्मियों ने स्थानीय पुलिस को सूचना दी। एक ही परिवार के तीन शवों के लटकने की सूचना मिलते ही जिला पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए।

तीनों के मोबाइल फोन जब्त : मौके पर पहुंची पुलिस ने घर में मौजूद हर साक्ष्य को जमा कर जांच के लिए भेज दिया गया हैं। पुलिस ने तीनों मृतकों के मोबाइल फोन को भी जब्त कर दिया हैं। इसके अलावा पुलिस गुलशन और सुनीता के सोशल मीडिया के अकाउंट की भी जांच कर रही है।