पीएम मोदी विकास को गति देने व रोजगार सृजन पर बजट से पहले मिले अर्थशास्त्रियों

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नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट से पहले  शनिवार को देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों के साथ गहन मंत्रणा की। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आर्थिक हालात पर चर्चा के साथ देश के विकास को गति देने और रोजगार सृजन के लिए आर्थिक नीति तैयार करने पर विचार-विमर्श किया। नीति आयोग की ओर से आयोजित की गई इस बैठक का की थीम ‘आर्थिक नीतियां- आगे का रास्ता’ थी।

जानकारी के मुताबिक, विशेषज्ञों ने 5 समूहों में, मैक्रो-इकॉनमी, रोजगार, कृषि, जल संसाधन, निर्यात, एजुकेशन और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर अपने सुझाव दिए। यह बैठक हाल में जारी जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) वृद्धि के आंकड़े जारी होने के बाद हुई है। केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) के आंकड़े के अनुसार, कृषि और विनिर्माण क्षेत्रों के कमजोर प्रदर्शन के कारण 2018-19 की चौथी तिमाही में आर्थिक वृद्धि दर घटकर 5.8 प्रतिशत रही, जो 5 साल का न्यूनतम स्तर है।

सीएसओ के आंकड़े में यह भी कहा गया है कि 2017-18 में बेरोजगारी 45 साल के उच्च स्तर 6.1 प्रतिशत पर पहुंच गई। पिछले कार्यकाल में बेरोजगारी के मोर्चे पर सरकार को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। विपक्ष ने चुनाव में इसे बड़ा मुद्दा बनाया था।

गौरतलब है कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 5 जुलाई को बजट पेश करेंगी। माना जा रहा है कि देश के आर्थिक विकास को गति देने के लिए वित्त मंत्री अर्थशास्त्रियों से मंथन के बाद कुछ बड़े कदम उठा सकती हैं। बैठक में पीएम के साथ वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राव इंद्रजीत सिंह, नीति आयोग के वॉइस चेयरमैन राजीव कुमार और सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

हाल ही में नीति आयोग की बैठक में पीएम ने कहा था कि भारत को साल 2024 तक 5 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य बड़ी चुनौती है, लेकिन इसे हासिल किया जा सकता है। पीएम ने इस संबंध में राज्यों से जिला स्तर से जीडीपी बढ़ाने के लिए टारगेट सेट करने को कहा था।