कमलनाथ और शिवराज सिंह चौहान -file photo

भोपाल।बीजेपी विधायक की जीत के साथ ही अब यहां विधानसभा में कांग्रेस की स्थिति थोड़ी और मजबूत हुई है। राजनीति में कभी-कभी ऐसा भी होता है कि जीत किसी और पार्टी की हो और फायदा किसी और को मिल जाए। मध्य प्रदेश में कुछ ऐसा ही समीकरण देखने को मिला है।

दरअसल, मध्य प्रदेश के रतलाम से बीजेपी विधायक लोकसभा चुनाव में विजयी होकर सांसद बन गए। दरअसल, रतलाम से बीजेपी विधायक जीएस दामोर को पार्टी ने लोकसभा का टिकट दिया और वह चुनाव जीते भी।

अगर दामोर विधायक पद से इस्तीफा देते हैं तो विधानसभा में संख्याबल 229 का हो जाएगा (कुल 230 सीटे हैं)। यह स्थिति कम से कम अगले छह महीने तक रहनी है, जबकि झाबुआ सीट पर उपचुनाव होना है। ऐसे में कांग्रेस के पास 115 विधायकों के संख्याबल के साथ विधानसभा में पर्याप्त सीटें होंगी और उसे फिलहाल बाहर से किसी के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी। पूर्व स्पीकर और बीजेपी नेता सीताराम शर्मा और पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदास भी मानते हैं कि 229 संख्याबल होने पर कांग्रेस के पास 115 विधायकों के साथ अब पूर्ण बहुमत है।

उधर, विपक्ष के नेता गोपाल भार्गव जिन्होंने कई मौकों पर कहा कि सूबे में कमलनाथ सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है, कहते हैं, श्हम कोई जल्दबाजी में नहीं हैं। दामोर के इस्तीफे पर विधानसभा के आंकड़े कांग्रेस के पक्ष में जाने के सवाल पर बीजेपी नेता शर्मा कहते हैं, श्बिल्कुल, हमने तो इस बारे में सोचा ही नहीं था। अगर दामोर इस्तीफा देते हैं तो कांग्रेस के पास बहुमत के लिए अब पर्याप्त आंकड़े हैं। हालांकि शर्मा यह भी जोड़ते हैं कि बीजेपी सूबे में कमलनाथ सरकार गिराने के लिए किसी भी तरह की कोशिश में नहीं जुटी है।