राजस्थान: लोकसभा में शर्मनाक हार के बाद जा सकती है गहलोत की कुर्सी खतरे में !

138
rahul gandhi-ashok gahlot-file photo

नई दिल्ली/जयपुर । पार्टी के बदले परिवार को महत्व देने वाले वरिष्ठ नेताओं से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी काफी नाराज हैं। राजस्थान में इन दिनों नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें भी तेज हैं। इस बीच, सोमवार को राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पार्टी अध्यक्ष से मिलने पहुंचे पर उन्होंने इनकार कर दिया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने अपने आवास पर सोमवार सुबह 11 बजे गहलोत को मिलने का समय दिया था। एक सूत्र ने कहा, ‘लेकिन उन्होंने उनसे मिलने से इनकार कर दिया और कहा कि वह महासचिव केसी वेणुगोपाल से मिलें।’ उधर, राजस्थान सरकार में मतभेद उभरकर सामने आ गए हैं। प्रदेश सरकार के कई मंत्रियों एवं विधायकों ने मांग की है कि इस चुनावी शिकस्त के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए। ऐसे में इस बात की चर्चा गर्म है कि राजस्थान में नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है।

सूत्रों ने बताया कि राहुल के मना करने के बाद गहलोत ने वेणुगोपाल और पार्टी नेता अहमद पटेल से मुलाकात की। कांग्रेस अध्यक्ष की यह बेरुखी ऐसे समय में सामने आई है, जब दो दिन पहले राहुल गांधी ने लोकसभा चुनाव में पार्टी की हार के लिए वरिष्ठ नेताओं को भी नहीं बख्शा था। गौरतलब है कि कांग्रेस कुल 52 सीटें जीत पाई और राजस्थान में वह एक भी सीट नहीं जीत पाई, जबकि मध्य प्रदेश में मात्र एक सीट जीतने में कामयाब हुई।

सूत्रों के अनुसार कांग्रेस वर्किंग कमिटी  में गांधी ने कहा था कि कांग्रेस के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कमलनाथ ने पार्टी से ज्यादा अपने बेटों को महत्व दिया और उन्हीं को जिताने में लगे रहे। बताया जाता है कि पार्टी अध्यक्ष उन्हें टिकट देना नहीं चाहते थे। राहुल चाहते थे कि ये नेता प्रचार अभियान में बड़ी भूमिका निभाएं। कमलनाथ के बेटे नकुलनाथ छिंदवाड़ा से चुनाव जीत गए, लेकिन गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जोधपुर से चुनाव हार गए।

गांधी ने बार-बार कहा कि गहलोत ने एक सप्ताह तक सिर्फ जोधपुर में प्रचार किया और इस दौरान उन्होंने पार्टी का कोई काम नहीं किया। बताया गया है कि गहलोत ने 130 से ज्यादा रैलियां और रोड शो किया, जिसमें 93 अकेले जोधपुर में। राज्य की सभी 25 सीटों पर कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा।

राज्य के मंत्रियों ने कहा, हार पर जवाबदेही तय हो
अब राजस्थान सरकार के कई मंत्रियों ने चुनाव में जवाबदेही तय करने और कार्रवाई की मांग की है। राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि  ने संगठन में बदलाव के लिए राहुल गांधी को अधिकृत किया है और वह बदलाव करेंगे। कुछ नेताओं द्वारा पार्टी से ज्यादा अपने बेटों को महत्व दिए जाने पर गांधी की नाराजगी के बारे में पूछे जाने पर खाचरियावास ने कहा, ‘अगर राहुल गांधी वरिष्ठ नेताओं की कमी पाते हैं तो उनका पूरा अधिकार है कि वह जवाबदेही तय करें और कार्रवाई करें।’ एक और मंत्री भंवरलाल मेघवाल ने भी कहा कि पार्टी की हार के लिए तत्काल जवाबदेही तय होनी चाहिए।

Please follow and like us: