सूरत हादसे पर पीएम मोदी बोले, जितना दुख जताएं उतना कम

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नई दिल्ली।  लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री मोदी की प्रचंड जीत ने देशभर के अधिकतर राज्यों से कांग्रेस का सफाया कर दिया है। मोदी 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे। चुनावों में बंपर जीत के बाद आज पीएम मोदी अपनी मां का आर्शिवाद लेने के लिए गुजरात पहुंचे और अहमदाबाद में उन्होंने रैली को संबोधित किया। मोदी के साथ बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह, गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रूपाणी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद है।

पीएम मोदी ने सूरत में हुए अग्निकांड पर दुख व्यक्त किया और कहा कि मैं इस घटना को लेकर लगातार राज्य सरकार के संपर्क में हूं। मोदी ने कहा सूरत में जो आग लगी, उससे मैं बहुत परेशान था। यह घटना एक ऐसी घटना है जो किसी को भी हिला देती। प्रभावित परिवारों के लिए जितना करुणा हो उतनी ही कम है। कई परिवारों के चिराग बुझ गए, उनके अरमान खाक हो गए। जितना भी दुःख व्यक्त किया जाए, कम है। ईश्वर मृतकों के परिवारों को इस भयानक आघात को सहने की शक्ति दे। मोदी ने कहा लोकसभा चुनावों में बीजेपी की बंपर जीत का जश्न ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ मनाया जाना था, लेकिन शुक्रवार को सूरत हादसे में 20 छात्रों की मौत के बाद जश्न रद्द कर दिया गया है।

मोदी ने कहा न सिर्फ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में लोग हमारा समर्थन कर रहे थे। भले ही वे हमें वोट नहीं कर रहे थे। मोदी ने कहा मैं उस धरती पर आया हूं जिसने मुझे पाला है। मैं उस धरती पर वापस आया हूं जिससे मेरा काफी लगाव है। मोदी ने कहा 2014 में देश को गुजरात को जानने का मौका मिला और गुजरात का विकास मॉडल सबके सामने आया। 2014 में आपने विदा किया, अब आपके दिये संस्कारों को आगे बढ़ा रहा हूं। मैं गुजरात के लोगों के दर्शन के लिए यहां मौजूद हूं। राज्य के नागरिकों का आशीर्वाद मेरे लिए हमेशा से बहुत महत्वपूर्ण है।

मोदी ने कहा मैंने सोशल मीडिया पर एक विडियो देखा जिसमें प. बंगाल की एक महिला मोदी-मोदी कह रही है। जब उससे पूछा गया क्यों तो उसने कहा कि मैं गुजरात गई और वहां मैंने विकास देखा। मैं बंगाल में भी विकास चाहती हूं। लेकिन जब उस महिला से पूछा गया कि वह किसे वोट देगी तो उसने कुछ नहीं बोला। आने वाले 5 साल जन-भागीदारी और जनचेतना के लिए होंगे। मोदी ने कहा हमें इन पांच वर्षों का उपयोग आम नागरिकों के मुद्दों को हल करने के लिए करना है। ये 5 साल सर्वांगीण विकास के लिए होंगे। हमें विश्व स्तर पर भारत को और आगे बढ़ाना होगा। बड़ा जनादेश बड़ी जिम्मेदारियां लाता है। इतनी बड़ी जीत के मद्देनजर विनम्र बने रहना महत्वपूर्ण है। चुनाव प्रचार के पहले तीन दिनों के भीतर ही मुझे विश्वास हो गया था कि बीजेपी या एनडीए चुनाव नहीं चल रही, देश की जनता चुनाव लड़ रही है। छठे चरण के मतदान के बाद मैंने खुद ही कहा था कि हमें 300 से ज्यादा सीटें मिल रही हैं। जब मैंने कहा तो लोगों ने मेरा मजाक उड़ाया। लेकिन, नतीजे सभी के सामने हैं। इतना बड़ा जनादेश दिया जाना ऐतिहासिक है। लोगों ने तय किया था कि वे फिर से एक मजबूत सरकार चाहते हैं।