इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज, पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज

142
इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज
इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज

अब 1 साल बाद तबलीगी जमात मरकज की इमारत फिर से खुली है और वहाँ नमाज जैसे मजहबी कार्यक्रम शुरू हो गए हैं। लोगों के जेहन में 2020 में भारत में कोरोना वायरस संक्रमण का विस्फोट अब भी ताज़ा है।  दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित तबलीगी जमात के मरकज से किस तरह से सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन कर के हजारों लोग मजहबी गतिविधियों में लिप्त थे और मीडिया का एक वर्ग इनके महिमामंडन में लगा था।

इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज
इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज

मरकज के जमाती पिछले साल यहाँ से भाग कर देश के कई मुस्लिम बहुल इलाकों में छिप गए थे और पुलिस जब उन्हें खोजने जाती थी तो पुलिसकर्मियों व मेडिकल टीम पर हमले किए जाते थे।

hindi sexy video hd : इंटरनेट पर Mia Khalifa के Sexy Videos ने मचाया कहर

रविवार  को शब-ए-बरात के मौके पर मरकज का दरवाजा खोला गया। हालाँकि, इस बार पुलिस-प्रशासन ज्यादा सतर्क था और बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया था। पहले से अनुमति लिए हुए सिर्फ 50 लोगों को ही भीतर जाने दिया गया।

इन सभी लोगों को स्थानीय थाने से अनुमति लेनी पड़ी थी। 6 मंजिला इमारत में घुसने से पहले सभी के आईडी कार्ड्स चेक किए गए। दिल्ली हाईकोर्ट से केंद्र सरकार ने कहा था कि वक़्फ़ बोर्ड के 50 लोग ही भीतर जाकर नमाज पढ़ सकते हैं। तबलीगी जमात का कहना है कि मरकज का खुलना अच्छा कदम है लेकिन सभी को अंदर जाने की अनुमति मिलनी चाहिए। जमातियों ने कहा कि हम कोरोना दिशा-निर्देशों का पालन करेंगे, लेकिन अन्य जगहों पर भी ऐसा हो।

Amrapali Dubey Sexy Video: आम्रपाली दुबे के हाॅट वीडियो ने सोशल मीडिया पर मचाया कोहराम

जमातियों ने कहा कि उनलोगों को पिछले साल ‘कोरोना मानव बम’ बना दिया गया था, जबकि सच्चाई ये थी कि जिस तरह अन्य जगहों पर लोग फँसे हुए थे उसी तरह वो लोग भी मरकज में फँस गए थे। दिल्ली हाईकोर्टट ने शब-ए-बरात और रमज़ान को देखते हुए इसे खोलने की अनुमति दी है। सभी 50 लोगों के नाम और पता पुलिस थाने में जमा हैं, जहाँ से थाना प्रभारी द्वारा उन्हें अनुमति पत्र जारी किया गया।

इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज
इधर कोरोना का खौफ, उधर फिर से खुला तबलीगी जमात का मरकज: पढ़ी गई शब-ए-बारात की नमाज

वक्फ बोर्ड की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने अदालत में कहा था कि 13 अप्रैल से शुरू होने वाले रमजान के पवित्र महीने से पहले इस मामले में फैसला किया जाए, क्योंकि उस दौरान और ज्यादा लोग मस्जिद में नमाज अदा करना चाहते हैं। अदालत ने मामले को 12 अप्रैल को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है। मस्जिद बंगले वाली, मदरसा काशिफ-उल-उलूम और छात्रावास सहित मरकज के कई हिस्से हैं। वक़्फ़ का कहना है कि वे सिर्फ मस्जिद को खोलना चाहते हैं, बाकी के बंद रहने से उन्हें कोई आपत्ति नहीं।

Please follow and like us: