Gujarat Nikay Chunav में कांग्रेस की करारी हार

गुजरात निकाय चुनाव: अरविंद केजरीवाल की AAP की एंट्री ने सूरत में बिगाड़ा कांग्रेस का खेल, ओवैसी का नहीं चला जादू .. कॉन्ग्रेस का सूपड़ा साफ़,

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Gujarat Nikay Chunav में कांग्रेस की करारी हार
Gujarat Nikay Chunav में कांग्रेस की करारी हार

अहमदाबाद । गुजरात की छह महानगरपालिकाओं (गुजरात मनपा चुनाव) पर मंगलवार को मतगणना हो रही है। अब तक के नतीजों और रुझानों से साफ है कि सभी छह महानगर पालिकाओं- अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर और जामनगर में एक बार फिर भाजपा का कब्जा होने जा रहा है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) गुजरात महानगर पालिका के चुनाव में खास प्रदर्शन करती नजर नहीं आ रही है। अहमदाबाद के दरियापुर, जमालपुर, शाहपुर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में भी कांग्रेस बढ़त बनाए हुए हैं।

महानगर पालिका मैं 575 सीट के लिए करीब 24 सौ उम्मीदवार मैदान में हैं। भाजपा एवं कांग्रेस के पोलिंग एजेंट मत गणना केंद्रों पर मौजूद हैं। सभी मतगणना केंद्रों पर प्रत्याशी उनके एजेंट तथा मतगणना कर्मचारियों के बैठने की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। अहमदाबाद महानगर पालिका में 192,सूरत में 120, राजकोट में 72, जामनगर में 64, भावनगर में 52, सूरत में 120 तथा बरोड़ा में 76 सीट के लिए मतगणना होगी।

कांग्रेस प्रवक्ता मनीष दोषी ने राजकोट महानगर पालिका के चुनाव में ईवीएम के साथ छेड़खानी करने का आरोप लगाया है। दोषी का कहना है कि रविवार को राजकोट महानगर पालिका के चुनाव के दौरान दोपहर 3:30 बजे 26 फ़ीसदी मतदान रहा जबकि करीब ढाई घंटे बाद अचानक 21 फ़ीसदी मतदान बढ़ा हुआ दिखाया गया।

दोषी का आरोप है कि अंतिम ढाई घंटे में अधिकतम 400 से 500 लोग मतदान कर सकते थे जबकि अंतिम समय में अचानक मतदान बढ़ना शंका के दायरे में आता है। कांग्रेस प्रवक्ता प्रगति आहिर ने भी गुजरात महानगर पालिका चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन में गड़बड़ी करने तथा कहीं-कहीं पर ईवीएम बदले जाने का भी आरोप लगाया है।

असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) गुजरात महानगर पालिका के चुनाव में खास प्रदर्शन करती नजर नहीं आ रही है।अहमदाबाद के दरियापुर, जमालपुर, शाहपुर जैसे मुस्लिम बहुल इलाकों में भी कांग्रेस बढ़त बनाए हुए हैं।

सूरत, राजकोट, जामनगर तथा भावनगर में कांग्रेस करारी हार का सामना कर रही है। अहमदाबाद में कांग्रेस की स्थिति संतोषजनक बने लगती है लेकिन सूरत में विपक्ष के लायक भी पार्टी नहीं रही आम आदमी पार्टी सूरत में प्रमुख विपक्षी दल बनकर उभरी है। सूरत महानगर पालिका की 120 सदस्यों में से 48 भाजपा-कांग्रेस 10 जबकि अन्य 21 सीटों पर आगे चल रहे हैं। अहमदाबाद में 192 सीटों में से भाजपा 76 कांग्रेस 20 तथा अन्य 6 पर आ

आम आदमी पार्टी सूरत में दूसरे नंबर की पार्टी बन सकती है। हार्दिक पटेल का सूरत में जादू नहीं चला तथा पाटीदार आरक्षण आंदोलन समिति के विरोध के कारण कांग्रेस को भारी नुकसान होता नजर आ रहा है, वह तीसरे नंबर की पार्टी बन सकती है। सूरत महानगर पालिका में एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी अपनी सत्ता बरकरार रखती नजर आ रही है।

गुजरात की छह महानगर पालिका की 576 सीटों में से अभी तक 307 सीटों के रुझान सामने आ चुके हैं। इनमें से 222 सीटों पर भाजपा बढ़त बना चुकी है तथा कांग्रेस अभी 54 सीटों पर ही आगे चल रही है। सूरत में आम आदमी पार्टी अपने शानदार प्रदर्शन की ओर बढ़ रही है। आम आदमी पार्टी सहित अन्य महानगरपालिका में 31 सीटों पर बढ़त नजर आ रहे हैं।

गुजरात के सूरत में आम आदमी पार्टी तथा निर्दलीय उम्मीदवार बड़ी संख्या में आगे चल रहे हैं। सूरत में भारतीय जनता पार्टी 40 सीट पर कांग्रेस 10 तथा अन्य 18 सीटों पर आगे चल रहे हैं अन्य में आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी सबसे अधिक हैं।

सूरत में आम आदमी पार्टी 3 सीटों पर आगे चल रही है। जामनगर में भी एक सीट पर आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी आगे चल रहे हैं। गुजरात कि 6 महानगर पालिकाओं की कुल 575 सीटों में से भाजपा 164, कांग्रेस 36 तथा अन्य 16 सीटों पर आगे चल रहे हैं।

अहमदाबाद पुलिस आयुक्त ने शहर में विजेता प्रत्याशियों को अलग-अलग समय पर विजय जुलूस निकालने की मंजूरी दे दी है। कोरोना महामारी के चलते पहले राजनीतिक दलों के विजय जुलूस तथा रैली को मंजूरी देने को लेकर संशय था लेकिन सभी विजयी प्रत्याशियों को अलग-अलग समय पर अपना विजय जुलूस तथा रैली निकालने की मंजूरी देने की बात सामने आई है।

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