UP में अंतिम चरण की 13 सीटों पर करीब 54.12 फीसदी मतदान

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लखनऊ। हर सम्भव प्रयास के बावजूद जिस तरह से यूपी के सातों चरणों में मतदान हुआ वह काफी कम है। जिस तरह से प्रयास किये गए थे उसके हिसाब से मतदानर 70 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए था। लोकसभा चुनाव के सातवें व अंतिम चरण में उत्तर प्रदेश की 13 सीटों पर मतदान रविवार शाम 6 बजे खत्म हो गया।

प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल. वेंकटेश्वर लू ने बताया कि सातवें चरण में राज्य की 13 सीटों वाराणसी 58.60, चंदौली 57.26, बलिया 52.26, घोसी 56.9.0, मिर्जापुर 60.20, गोरखपुर 57.38, कुशीनगर 56.24, देवरिया 56.02, गाजीपुर 58.10, सलेमपुर 54.60, बांसगांव 55.00, महराजगंज 62.40, रॉबर्टसगंज 54.29 में मतदान सुबह 7 बजे से जारी था जो शाम 6 बजे तक हुआ। आयोग के सूत्रों के मुताबिक शाम 6 बजे तक करीब 54.12 फीसदी मतदान हुआ है। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से हुआ।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्वीट कर लिखा कि ‘‘माँ दुर्गा का सप्तम रूप हैं माँ कालरात्रि, जिसके बाद माँ महागौरी के शुभ्र स्वरूप का दर्शन होता है, लोकतंत्र के महाकुंभ का आज 7वां चरण है और इसके बाद 23 को लोकतंत्र के शुभ्र स्वरूप का दर्शन होगा। श्रेष्ठ और सशक्त भारत के निर्माण लिए मतदान अवश्य करें याद रखें, पहले मतदान, फिर जलपान।’’ कुल सात चरणों में हुई 543 लोकसभा सीटों के लिए वोटिंग का परिणाम 23 मई को आएंगे, जिसका हर किसी को बेसब्री से इंतजार है। लोगों के जेहन में जो सवाल बार बार उठ रहे हैं वो ये कि क्या इस बार फिर नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे या फिर दिल्ली की सत्ता पर कोई और काबिज होगा।

बता दें कि, इस चरण में कुल 167 प्रत्याशी मैदान में हैं। सबसे ज्यादा 26 प्रत्याशी वाराणसी में ताल ठोंक रहे हैं। इस चरण में 2 करोड़ 32 लाख से ज्यादा मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे। मतदान के लिए 13979 मतदान केंद्र और 25874 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। 7वें चरण में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा (गाजीपुर), अनुप्रिया पटेल (मिर्जापुर), प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष महेंद्र नाथ पांडेय (चंदौली), पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री आरपीएन सिंह (कुशीनगर) जैसी सियासी हस्तियों का भाग्य तय होगा।

सबकी निगाहें प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय निर्वाचन और उम्मीदवारी वाले क्षेत्र वाराणसी पर लगी हैं। पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी के पक्ष में चली लहर का केंद्र बने मोदी ने करीब 3 लाख 72 हजार मतों से यह सीट जीती थी। इस बार भी उनकी जीत सुनिश्चित मान रही बीजेपी के सामने मोदी को पिछली दफा के मुकाबले अधिक मतों से जिताने की चुनौती है।वैसे तो बीजेपी ने गोरखपुर सीट पर भोजपुरी अभिनेता रवि किशन को मैदान में उतारा है, मगर इसे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रतिष्ठा से जोड़कर देखा जा रहा है। योगी यहां से 5 बार सांसद चुने जा चुके हैं।

हालांकि, पिछले साल इस सीट पर हुए उपचुनाव में बीजेपी को सपा के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। लिहाजा इस बार यह सीट जीतना बीजेपी के लिए प्रतिष्ठा का सवाल है। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से दोबारा संसद पहुंचने की उम्मीद लगाए हैं। ऊंट किस करवट बैठेगा, यह 23 मई को पता चलेगा। 7वें चरण में बीजेपी 11 सीटों पर जबकि उसका सहयोगी अपना दल-सोनेलाल मिर्जापुर और रॉबर्ट्सगंज सीटों पर चुनाव लड़ रहा है।

पिछले लोकसभा चुनाव में 7वें चरण की सभी 13 सीटों पर बीजेपी और उसके सहयोगी ने ही जीत दर्ज की थी। इस चरण का मतदान महागठबंधन कर चुनाव लड़ रहे सपा के 8 और बसपा के 5 प्रत्याशियों के भाग्य का भी फैसला करेगा। पिछले लोकसभा चुनाव में लगभग धराशायी हो चुके सपा और बसपा का इस दफा गठबंधन बन जाने से वह बीजेपी के लिए एक चुनौती के तौर पर उभरता दिख रहा है।

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