किसान बिल लागू करने पर मोदी को अडानी से कितनी दलाली मिली है ?

स्वदेशी वैक्सिन न खरीदकर यदि ये विदेशी वैक्सिन खरीदते तो इन्हें अरबों रूपये का दलाली आसानी से मिल जाता। रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का नारा देकर मोदी जी और भी बड़ी गलती करने जा रहे हैं। यदि भारत आत्मनिर्भर हो गया तो बड़े-बड़े रक्षा सौदों की आयात नहीं हो पायेगी जिससे मिलने वाली मोटी दलाली हाथ से निकल जाएगी। किसी भी अनुभवी व्यक्ति के सामने थोड़ा सा झुककर कुछ सीखने में ही अपनी भलाई होती है। इसलिए दलाली के मामले में मोदी जी को कांग्रेसी नेता से जरूर सीखने की कोशिश करनी चाहिए।

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किसान बिल लागू करने पर मोदी को अडानी से कितनी दलाली मिली है ?
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आज मोदी सरकार इस बात पर कायम है कि नए कृषि कानून वक्त की जरूरत हैं और इनसे फायदा किसानों को होगा। सरकार दबाव में जरूर है लेकिन इसके दावों को जमीनी हकीकत से जोड़ कर देखना जरूरी है। कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के शासनकाल में भी नए कानून कृषि कानून लाने पर बहस जरूर हुई थी लेकिन इस पर अमल नहीं हुआ था।

कांग्रेस पार्टी के 2019 के चुनावी घोषणा पत्र में भी नए कानून लाने की बात कही गई थी। और मोदी सरकार पर आरोप लगाये जा रहे है कि मोदी ने अडानी-अंबानी से दलाली खाकर कृषि कानून ले आये हैं। इसका जवाब तो सोनिया और राहुल ज्यादा अच्छी तरह से दे सकते हैं। वह भी सभी चीजों पर मिलने वाली प्रतिशत के साथ बिल्कुल सटीक आंकड़े।

क्योंकि उन्हें दलाली लेने का बहुत लम्बा अनुभव रहा है। यहाँ तक की उन्होंने चीन जैसे दुश्मन देश से भी दलाली ले ली। रक्षा क्षेत्र में ऐसा कोई भी सौदा नहीं रहा होगा जिसमें कि दलाली नहीं ली गई। इसी दलाली के कारण ही कभी भी अपने देशों में ही रक्षा के क्षेत्र में कोई निर्माण नहीं होने दिया। क्योंकि अधिक दलाली तो रक्षा के सौदे के आयत करने पर ही मिलती थी तथा सुरक्षा से जुड़े होने के कारण ऐसे दलाली को आसानी से सार्वजनिक भी नहीं किया जाता था।

राफेल की सौदा सिर्फ इसलिए नहीं हो पायी क्योंकि उसमें मिलने वाली दलाली का प्रतिशत इनके अनुसार कुछ कम थी।दलाली के मामले में मोदी जी तो अभी बिल्कुल नए नेता हैं।

इसलिए इन्हें यह बात समझ में नहीं आयी कि स्वदेशी वैक्सिन न खरीदकर यदि ये विदेशी वैक्सिन खरीदते तो इन्हें अरबों रूपये का दलाली आसानी से मिल जाता।

रक्षा क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता का नारा देकर मोदी जी और भी बड़ी गलती करने जा रहे हैं। यदि भारत आत्मनिर्भर हो गया तो बड़े-बड़े रक्षा सौदों की आयात नहीं हो पायेगी जिससे मिलने वाली मोटी दलाली हाथ से निकल जाएगी।

किसी भी अनुभवी व्यक्ति के सामने थोड़ा सा झुककर कुछ सीखने में ही अपनी भलाई होती है। इसलिए दलाली के मामले में मोदी जी को कांग्रेसी नेता से जरूर सीखने की कोशिश करनी चाहिए।

सोनिया ने सिर्फ दलाली के बलबूते ही विश्व की 4th सबसे अमीर महिला बन गई। जबकि इस संपत्ति में उसकी पहले की बार डांसर के समय की संपत्ति का योगदान नहीं है। राहुल भी अच्छे खासे संपत्ति तैयार कर लिए। सिर्फ कुछ साल पहले लाखों की भी हैसियत नहीं रखने वाले वाड्रा मात्र कुछ दिनों में ही खरबों का मालिक बन गया।

(Credit : hi.quora.com/profile/Krishna-Kumar-Sinha)

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