‘साहब मैं जिंदा हूं, साहब मैं आदमी हूं भूत नहीं’- एक बुजुर्ग,, जानें पूरा मामला !

209
'साहब मैं जिंदा हूं, साहब मैं आदमी हूं भूत नहीं'- एक बुजुर्ग,, जानें पूरा मामला !
'साहब मैं जिंदा हूं, साहब मैं आदमी हूं भूत नहीं'- एक बुजुर्ग,, जानें पूरा मामला !

मिर्जापुर। एक बुजुर्ग पिछले 15 साल से खुद को जिंदा साबित करने में लगा है। मामला सामने आते ही खुद CM YOGI योगी ने संज्ञान लिया था और अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे।

खबर थी कि एक बुजुर्ग ‘साहब मैं जिंदा हूं, साहब मैं आदमी हूं भूत नहीं’ का बोर्ड पकड़े जिला कलेक्ट्रेट के बाहर बैठा हुआ है। सीएम निर्देश के बाद मिर्जापुर के डीएम ने मामले की जांच कराई। जांच में बुजुर्ग को उनके द्वारा बताए गए पते पर अमोई गांव ले जाया गया।

लेकिन वह जिन रिश्तेदारों के बारे में बता रहे थे, उन्हें ही नहीं पहचान पाए। जानकारी के मुताबिक, खुद को भोला बताने वाले इस व्यक्ति की पहचान श्याम नारायण के रूप में हुई है। अब प्रशासन तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए श्याम नारायण का डीएनए टेस्ट कराने जा रहा है।  बुजुर्ग ने बताया था कि वह पिछले 15 सालों से खुद को जिंदा साबित करने के लिए संघर्ष कर रहा है ।

उसने बताया कि जमीन के लिए परिजनों से मिलकर राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने खतौनी में उसे मृतक घोषित कर दिया है। कागज पर उसे मरा हुआ दिखा कर जमीन परिजनों के नाम कर दी गई है। जिलाधिकारी कार्यालय के सामने खुद को जिंदा होने का प्रमाण देने के लिए बैनर लेकर बुजुर्ग एक बार फिर न्याय की आशा में बैठकर प्रशासन से न्याय की गुहार लगा रहा था।

इसे वापस लेंभोला का कहना-15 साल से कोई सुनने को तैयार नहींमामला सदर तहसील के अमोई गांव निवासी 56 वर्षीय भोला सिंह का है। वह डीएम कार्यालय के सामने हाथों में खुद के जिंदा रहने का बैनर लेकर बैठा।

मामला मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। बुजुर्ग भोला सिंह का कहना है कि उन्हें राजस्व निरीक्षक और लेखपाल ने मृतक बताकर उनके हिस्से की जमीन भाई राज नारायण के नाम कर दी गई। बार-बार शासन-प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

Please follow and like us: