एमबीबीएस सेकंड ईयर के छात्र ने परिवार के दबाव में चुनी मौत, पास में मिला सूइसाइड नोट

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बाराबंकी । सफेदाबाद के हिंद इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेंज के एमबीबीएस सेकंड ईयर के छात्र शुभम कुमार (23) का शनिवार दोपहर हॉस्टल के रूम में छत के छल्ले से लटका शव मिला। पास में मिली डायरी में उसका सूइसाइड नोट भी लिखा गया था। इसमें लिखा है, ‘मैं एमबीबीएस नहीं कर सकता। मैं इतना अधिक तनाव के साथ जी भी नहीं सकता।

मैं पिता की डिमांड व विचारों को पूरा नहीं कर सकता।’इससे साफ है कि वह परिवार के दबाव में डॉक्टर बनने आया था। छात्र ने आगे यह भी लिखा, ‘अब तक का जीवन सिर्फ अपनी मां के लिए जी रहा हूं। वह एक गोल्डेन लेडी है। अगर मैं मरूं तो सबसे ज्यादा दुख मेरी मां को होगा पर मेरे पास कोई विकल्प नहीं है। यदि मैं अपनी जिंदगी खत्म कर रहा हूं तो वह अपनी मर्जी से। उसका जिम्मेदार और कोई नहीं। मैं एमबीबीएस नहीं कर सकता।

यह जीवन मेरे लिए निरर्थक है। कोई सच्चा दोस्त नहीं है। सभी स्वार्थी है। मैंने बहुत प्रयास किया पर मैं जी नहीं सकता। मैं सबसे क्षमा चाहता हूं। यह भी लिखा कि मेरे ऊपर पैसा फूंकना व्यर्थ है। मैं और पैसा बर्बाद नहीं करना चाहता।’  पुलिस के अनुसार शुभम एमबीबीएस द्वितीय वर्ष का छात्र था।

वह पटना के बेगमपुरा के बक्शी मैदान सम्पत चक के निवासी ईएनटी सर्जन शैलेंद्र कुमार का बेटा था। रूम पार्टनर इलाहाबाद निवासी रक्षित कपूर ने बताया कि शुभम से उसका परिचय एक साल पहले ही हुआ था। जब दोनों को एक ही रूम आवंटित हुआ था। शुभम पढ़ाई में एवरेज था।

उसके अनुसार पिछले छह माह से शुभम मायूस रहता था, लेकिन वह अपनी बातों को शेयर नहीं करता था।रूम पार्टनर के अनुसार शनिवार सुबह आठ बजे से सेमेस्टर टेस्ट था, लेकिन उसने उसमें शामिल होने से मना कर दिया था। इस पर वह उससे काफी देर तक मनाता रहा। इस पर भी जब वह क्लास जाने को तैयार नहीं हुआ तो वह साढ़े नौ बजे अपनी क्लास को टेस्ट देने चला गया।

साढ़े तीन बजे वापस आया तो देखा रूम अंदर से बंद है। इस पर उसने आवाज लगाई। जब दरवाजा नहीं खुला तो वह अपने अन्य दोस्तों के साथ रूम के पीछे तरफ गया और अंदर झांक कर देखा तो पाया कि वह चादर के जरिए छत के छल्ले से लटका है। इस पर उन लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया और उसे नीचे उतारा लेकिन वह तब तक दम तोड़ चुका था।

सूचना पर सुरक्षा अधिकारी संजय सिंह पहुंचे। पुलिस को बुलाया गया। डायरी के पन्नों पर उसने व्यथित मन से काफी कुछ लिखा है। उसने अपनी जन्मतिथि 11-5-1996 व 11-5-2019 लिखा है। पास में ही लिखा था कि मैं अपने जीवन को समाप्त करना चाहता हूं। अपनी जिंदगी को खत्म करके मुझे शायद सबसे ज्यादा खुशी होगी।

इससे लगता है कि उसने अपने जन्मदिन के दिन ही आत्महत्या करने की मन बनाया था। सीओ सिटी सुशील कुमार सिंह व इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि यह आत्महत्या है। फिर भी शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा रहा है। डायरी में लिखे पन्नों को कब्जे में ले लिया गया है। आत्महत्या सहित सभी पहलुओं पर जांच जारी रहेगी।

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